अश्लील पोस्ट, ब्लैकमेल: गुजरात पुलिस ने एक महीने में 9 एफआईआर दर्ज कीं, 11 गिरफ्तार
अहमदाबाद, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। तीन नाबालिगों ने कथित तौर पर एक महिला के गरबा वीडियो को एडिट करके फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट पर फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए अपलोड किया, जबकि अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर मॉर्फ्ड तस्वीरों, फर्जी प्रोफाइल और धमकियों का इस्तेमाल करके महिलाओं को परेशान किया। अहमदाबाद शहर की साइबर क्राइम ब्रांच ने अपने 'मिशन साइबर रक्षिका' के तहत एक महीने में नौ एफआईआर दर्ज की हैं।
इन मामलों में एक महिला समेत आठ बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और तीन नाबालिगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। शिकायतों में कथित साइबरस्टॉकिंग, प्रतिरूपण, साइबरबुलिंग, अश्लील सामग्री का प्रसार और जबरन वसूली शामिल हैं।
अधिकांश पीड़ित अहमदाबाद से हैं, जबकि आरोपियों का पता गुजरात, राजस्थान और मुंबई के विभिन्न हिस्सों से लगाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में शुरू किया गया 'मिशन साइबर रक्षिका' का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को ऑनलाइन अपराधों से बचाना, मामलों के शीघ्र पंजीकरण को सुविधाजनक बनाना और शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता बनाए रखना है।
पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) डॉ. लवीना सिन्हा ने कहा कि इस अभियान के तहत, हमने पिछले महीने नौ एफआईआर दर्ज की हैं और एक महिला सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है।
उन्होंने बताया कि इन मामलों में सोशल मीडिया के दुरुपयोग के विभिन्न रूप शामिल हैं, जिनमें तस्वीरों और वीडियो को संपादित करना और मॉर्फ करना तथा फर्जी अकाउंट्स के माध्यम से उन्हें प्रसारित करना शामिल है। इसका उद्देश्य लाइक्स, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाना या व्यक्तिगत विवादों के बाद महिलाओं को परेशान करना है।
एक मामला नवरात्रि के दौरान एक महिला के गरबा वीडियो से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु के तीन स्कूली नाबालिगों ने वीडियो प्राप्त किया, उसे संपादित किया, उसमें अश्लील सामग्री जोड़ी और अपने फॉलोअर्स और लाइक्स बढ़ाने के लिए उसे एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अपलोड कर दिया।
महिला को कथित तौर पर बदनाम किया गया और मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया। पुलिस ने बताया कि नाबालिगों ने कथित तौर पर अपने माता-पिता के मोबाइल नंबरों का उपयोग करके इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए थे।
एक अन्य मामले में, एक महिला के निजी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर मौजूद तस्वीरें और वीडियो कथित तौर पर अन्य लोगों के साथ साझा किए गए।
एक आरोपी ने बाद में वह सामग्री प्राप्त की, उसे संपादित किया, और अपने लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए उसे एक फर्जी प्रोफाइल पर अपलोड कर दिया। एक अन्य शिकायत में एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट का जिक्र है, जिसमें एक महिला की तस्वीर का इस्तेमाल करके उसके पति के दोस्तों को संदेश भेजे गए और महिला होने का ढोंग किया गया।
पुलिस ने बताया कि इस अकाउंट का इस्तेमाल कथित तौर पर महिला की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था। एक अन्य मामले में, एक व्यक्ति ने कथित तौर पर एक महिला की तस्वीर का इस्तेमाल करके एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और उनके प्रेम संबंध के बाद हुए विवाद के बाद उसका एक अश्लील वीडियो उसकी बहन के अकाउंट पर भेज दिया।
--आईएएनएस
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