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सिब्बल के बयान का जिक्र कर फडणवीस बोले, एसआईआर का विरोध करने से पहले कांग्रेस अपना इतिहास देखे

 

मुंबई, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव आयोग तथा एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन और उससे मध्य दिल्ली में काफी देर तक यातायात प्रभावित रहने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया पर संसद का पुराना फुटेज साझा किया, जिसमें कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल एसआईआर फ्रेमवर्क का आधिकारिक तौर पर समर्थन करते हुए दिख रहे हैं।

फडणवीस की ओर से साझा की गई वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है। यह क्लिप विपक्ष की ओर से किए गए उन दावों को खारिज करती है, जिसमें कहा गया है कि वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया एक 'साजिश' या असंवैधानिक तरीका है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम छूट गए हैं और वे इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं।

कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा हमला करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी के पुराने रुख और अभी सड़कों पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच जबरदस्त अंतर को उजागर किया। सीएम सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "कांग्रेस हर मंच से एसआईआर के खिलाफ शोर मचा रही है, लेकिन उनके ही पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल के शब्द इस ड्रामे की पोल खोल रहे हैं। राजनीतिक सुविधा के हिसाब से संसद का रिकॉर्ड नहीं बदलता। शायद नई-नई साजिश की थ्योरी गढ़ने से पहले कांग्रेस को अपना इतिहास देख लेना चाहिए। कभी-कभी, सबसे अच्छा जवाब आपकी अपनी पार्टी के अतीत से ही मिलता है।"

महाराष्ट्र के सीएम ने वीडियो का कैप्शन 'कांग्रेस का दोहरा रवैया' रखा और नागरिकों से यूपीए के समय की संसद की आधिकारिक कार्यवाही सुनने और यह तय करने की अपील की कि कौन सच बोल रहा है?

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से शेयर किए गए वीडियो में तत्कालीन कानून मंत्री कपिल सिब्बल उन तीन खास कैटेगरी के बारे में बता रहे हैं जिनके तहत एसआईआर प्रक्रिया वोटर लिस्ट से नाम हटाती है या अपडेट करती है। पूर्व कानून मंत्री ने वीडियो में कह रहे हैं, "डुप्लीकेट एंट्री तब हटाई जाती हैं जब कोई वोटर एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाता है और नए पते पर आसानी से दोबारा रजिस्टर हो जाता है। चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्गठन के दौरान पुरानी वोटर लिस्ट को अपडेट करते समय भी ऐसा होता है। वेरिफिकेशन के बाद मृत लोगों के नाम भी नियमित रूप से हटाए जाएंगे।"

फुटेज में सिब्बल ने जोर देकर कहा कि रजिस्ट्रेशन अधिकारी किसी भी वैध वोटर को नहीं रोक सकते, क्योंकि लाखों नागरिक तय कानूनी प्रावधानों के तहत नाम शामिल कराने के लिए नियमित रूप से आवेदन करते हैं।

सीएम फडणवीस की ओर से साझा किया हुआ यह वीडियो ऐसे वक्त पर आया है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा एसआईआर प्रक्रिया को रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार सड़क पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका दावा है कि हालिया एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के हेडक्वार्टर के पास हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों के साथ तीखी झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस में शिकायतें दर्ज की गईं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।

भाजपा नेताओं ने सीएम फडणवीस के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि विपक्ष वोटर लिस्ट को ठीक करने की एक सामान्य प्रक्रिया को लेकर बेवजह विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। इस प्रक्रिया को उनकी अपनी सरकार ने पहले संसद में मंजूरी दी थी और उसका बचाव भी किया था।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी