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भाजपा का कांग्रेस को करारा जवाब, एसआईआर पर स्पष्टीकरण किया साझा

 

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग के 'दोषपूर्ण और पक्षपातपूर्ण' विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं को लेकर व्यापक विवाद और विपक्ष द्वारा कार्रवाई की मांग के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को आरोपों का विस्तृत खंडन जारी करते हुए प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पर 'डर फैलाने' का आरोप लगाया।

भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने फेसबुक अकाउंट पर एक स्पष्टीकरण वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग (ईसी) के खिलाफ लगे आरोपों का खंडन किया और सत्तारूढ़ भाजपा की इस पूरे मामले में संलिप्तता के आरोपों को भी खारिज किया।

विनोद तावड़े को हाल ही में पार्टी का उत्तर प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है।

इस स्पष्टीकरण वीडियो में 13 करोड़ मतदाता नाम हटाने, फॉर्म-6 में कथित बदलाव, ईसीआईएनईटी प्रारूप में परिवर्तन आदि कई मुद्दों पर बात की गई है।

भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा, “13 करोड़ नाम हटाए नहीं गए थे– उन्हें मृतक, अनुपस्थित, स्थानांतरित या डुप्लिकेट जैसी श्रेणियों में सत्यापन के लिए चिह्नित किया गया था। दावों, आपत्तियों और अपीलों पर कार्रवाई के बाद ही अंतिम कार्रवाई की जाती है।”

मसौदा मतदाता सूची में प्रस्तावित हटाए जाने वाले नामों का विवरण देते हुए इसमें बताया गया है कि लगभग 2.6 करोड़ मतदाताओं को मृत दर्ज किया गया था, 3 करोड़ मतदाता दिए गए पते पर अनुपस्थित थे, 6.3 करोड़ मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो गए थे और एक करोड़ डुप्लिकेट मतदाता पंजीकृत थे।

इसमें यह भी कहा गया है कि विस्तृत जानकारी सभी दलों के लगभग 20 लाख बूथ स्तरीय एजेंटों के साथ साझा की गई थी। इसमें दावा किया गया है,“फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया। तीनों चुनाव आयुक्त फॉर्म-6 में जोड़ी गई अतिरिक्त जानकारियों पर सहमत थे और इसे सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी प्राप्त थी।”

इस 'स्पष्टीकरण' वीडियो में केंद्रीकरण के दावों को भी खारिज किया गया है, जिसमें कहा गया है कि ढांचे में कोई संरचनात्मक बदलाव नहीं हुआ है और स्थानीय चुनाव आयोग के कर्मचारी, जिनमें मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) भी शामिल हैं, स्थानीय स्तर पर मतदाताओं के अनुरोधों को संभालने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं।

भाजपा नेता ने कांग्रेस पर तथ्यों को छिपाने के लिए भय फैलाने का आरोप लगाया और लोगों से विपक्ष के 'झूठ और मनगढ़ंत बातों' से प्रभावित होने के बजाय तथ्यों का पालन करने का आग्रह किया।

वीडियो में कहा गया है कि एसआईआर का उद्देश्य हर मतदाता को शामिल करना है, न कि किसी को मताधिकार से वंचित करना। इसमें बताया गया है कि पिछले साल एसआईआर अभियान शुरू होने के बाद से अब तक 2.3 करोड़ नए जेन जी मतदाता जोड़े गए हैं और आज जेन जी मतदाताओं की कुल संख्या 17.3 करोड़ है।

'वोट चोरी' के आरोपों को मतदाताओं को मूर्ख बनाने और गुमराह करने का एक तरीका बताते हुए इसमें कहा गया है कि चुनाव आयोग ने हमेशा वैधानिक शक्तियों के दायरे में काम किया और चुनाव वाले सभी राज्यों (बिहार और पश्चिम बंगाल) में एसआईआर अभियान को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विधिवत रूप से बरकरार रखा गया था।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी