टीएमसी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत का अभिषेक बनर्जी पर हमला, पार्टी को गलत तरीके से चलाने का आरोप
कोलकाता, 2 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कासित किए जाने के एक दिन बाद उलूबेरिया (पूर्व) से विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला।
ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में 30 मई को जनता के विरोध का सामना करने के बाद अभिषेक बनर्जी ने अब अपने लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की सुरक्षा की मांग की है।
मीडिया से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “वे किस तरह के जननेता हैं? पार्टी की करारी हार के बाद 26 दिनों तक घर में रहे। अब अपने लिए केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांग रहे हैं। पहले कहते थे कि जनता उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त है, तो अब सुरक्षा कवच की जरूरत क्यों पड़ रही है?”
उन्होंने आगे कहा, “हमने अपने लिए कभी ऐसी सुरक्षा नहीं मांगी। कुछ लोग मुझे गद्दार कह सकते हैं, लेकिन कोई मुझे चोर नहीं कह रहा है।”
ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के जरिए तृणमूल कांग्रेस को कॉरपोरेट शैली में चलाने की कोशिश की, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह वही पार्टी है, जिसे पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने अथक प्रयासों से खड़ा किया था।
उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी जैसे नेता बहुत कम होते हैं। मैं उनका सम्मान करता था, आज भी करता हूं और आगे भी करता रहूंगा।”
बता दें कि ऋतब्रत बनर्जी और कोलकाता की एंटाली विधानसभा सीट से टीएमसी विधायक संदीपन साहा को सोमवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित चार महत्वपूर्ण पदों के आवंटन संबंधी प्रस्ताव में टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी का मामला सबसे पहले ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस के कार्यालय के संज्ञान में लाया था।
इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को हस्ताक्षर विसंगति मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
--आईएएनएस
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