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कैद में पाकिस्तान के पूर्व पीएम, बहनों को भाई इमरान खान से मिलने की फिर नहीं मिली इजाजत

 

इस्लामाबाद, 13 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद पूर्व वजीर-ए आजम (प्रधानमंत्री) और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के संस्थापक इमरान खान की बहनों को एक बार फिर पुलिस ने मिलने नहीं दिया। उनके साथ खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी भी थे। यह जानकारी बुधवार को स्थानीय मीडिया ने दी।

पाकिस्तानी दैनिक द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए, इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि इमरान खान से मिलने से मना करना कोर्ट की अवमानना ​​है। नियमों के हवाले से उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने हर मंगलवार और गुरुवार को फैमिली मीटिंग के साफ ऑर्डर दिए हैं; इसके बावजूद उन्हें भाई इमरान से मिलने नहीं दिया गया।

अलीमा खान ने कहा, "इमरान खान सिर्फ हमारे भाई ही नहीं, बल्कि पीटीआई नेता भी हैं, इसलिए हमने कहा कि हमें आप सबकी (प्रेस) जरूरत है। यहां आएं और दबाव बनाएं ताकि इमरान खान को अस्पताल में सही इलाज मिल सके...इमरान खान ने 128 दिनों तक धरना दिया था। उन्होंने दिन-रात सड़कों पर बिताए। सभी को थोड़ी हिम्मत दिखानी होगी। यह मुश्किल समय है, और हम जो कर सकते हैं, कर रहे हैं।"

पीटीआई लगातार इमरान खान की पुलिस हिरासत में सही मेडिकल केयर न करने का आरोप लगाती रही है। हाल ही में उन्होंने 1,000 दिन पूरे होने के बावजूद हिरासत में रखने को राजनीतिक उत्पीड़न का कृत्य बताया था। दल के अनुसार पूर्व पीएम के संवैधानिक और न्यायिक अधिकारों की साफतौर पर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

यूएई के गल्फ टुडे ने पीटीआई के केंद्रीय सूचना सचिव वकास अकरम के हवाले से कहा कि पीटीआई संस्थापक इमरान खान को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है, क्योंकि मौजूदा सरकार उनकी लोकप्रियता और स्वतंत्र नजरिए से डरती है। यही वजह है कि उन्हें साइडलाइन करने की कोशिश की जा रही है।

अकरम ने कहा कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है। पीटीआई संस्थापक को अकेले कैद में रखा जा रहा है, जबकि उनके परिवार, वकीलों और पार्टी लीडरशिप को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है, जो बुनियादी इंसानी और कानूनी अधिकारों का साफ उल्लंघन है।

73 साल के खान अगस्त 2023 से जेल में हैं, जिसे पीटीआई राजनीति से प्रेरित कदम बताती रही है। 2022 में नो-कॉन्फिडेंस वोट के जरिए ऑफिस से हटाए जाने के बाद से, इमरान खान पर कई केस चल रहे हैं। इनमें सरकारी उपहार हासिल करने और गैर-कानूनी शादी के आरोप भी शामिल हैं।

--आईएएनएस

केआर/