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मिथुन चक्रवर्ती ने बंगाल के बिना मान्यता वाले मदरसों को बंद करने का समर्थन किया, बोले-फंडिंग की जांच जरूरी

 

नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल में बिना सरकारी मदद और बिना मान्यता वाले मदरसों पर प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को इसका सही कारण बताया।

मिथुन चक्रवर्ती सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार में नीति-निर्माता (सांस्कृतिक सलाहकार) की भूमिका निभाने वाले हैं। आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य भर में 250 से ज्‍यादा मदरसों को बंद करने और 100 अन्य को नोटिस जारी करने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि इन अल्पसंख्यक संस्थानों में फंडिंग के तरीकों और क्या वे सही मकसद के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं, इसकी जांच करना जरूरी है।

मिथुन चक्रवर्ती की यह टिप्पणी बंगाल सरकार द्वारा 252 बिना मंजूरी वाले मदरसों को बंद करने का नोटिस और 100 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के एक दिन बाद आई है, जबकि सरकार राज्य में इस्लामी शिक्षण संस्थानों की समीक्षा कर रही है।

मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, "जब हम मदरसों की बात करते हैं तो उनके पीछे कोई न कोई जरूर होता है जो उन्हें फंड करता है और चलाता है। वह पैसा सही मकसद के लिए इस्तेमाल हो रहा है या गलत के लिए, यह अब साफ हो जाएगा। देश की सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि हम इस मामले पर बारीकी से ध्यान दें और इसकी बहुत सख्ती से जांच करें।"

उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारों के समय इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया था और अब इसे नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह हमारे देश की सुरक्षा से जुड़ा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंद होने वाले 252 मदरसों में से ज्‍यादातर 'खारिजी' संप्रदाय से जुड़े हैं। इनमें से कम से कम 44 मालदा में, 37 उत्तर दिनाजपुर में, 32 दक्षिण 24 परगना में और 25-25 नदिया और मुर्शिदाबाद में स्थित हैं।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री खुदीराम टुडू के मुताबिक, जिन मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उन्हें वैध मंजूरी दिखानी होगी, वरना उन्हें बंद कर दिया जाएगा।

अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने कोलकाता और 22 अन्य जिलों में मदरसों के प्रबंधन सिस्टम, छात्रों के नामांकन, फंडिंग के स्रोतों और रजिस्ट्रेशन की स्थिति की जांच के लिए एक सर्वे किया था।

बंगाल भाजपा प्रमुख सामिक भट्टाचार्य ने भी मदरसों पर सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में कट्टरपंथ का बढ़ना चिंताजनक संकेत है और मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा की आड़ में हो रही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी