पलानीस्वामी का उदयनिधि स्टालिन पर तंज, कहा- 'डीएमके की वंशवादी राजनीति का अंत तय'
चेन्नई, 23 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह क्या बोलते हैं, उन्हें भी नहीं पता रहता है।
पिछले दिनों उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) औपचारिक रूप से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है, लेकिन ईपीएस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का 'अधीनस्थ गुलाम' बन गया है।
इसके बाद पलानीस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोन्नेरी विधानसभा क्षेत्र में अपने चुनाव प्रचार की तस्वीरें साझा कीं। उसमें उन्होंने उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने दादा, पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि को क्या उपाधि देंगे, जिन्होंने राजनीतिक इतिहास में विभिन्न समयों पर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ गठबंधन किया था।
पलानीस्वामी ने पूछा अगर मैं भाजपा का गुलाम हूं, जैसा कि उदयनिधि स्टालिन दावा करते हैं, तो वह अपने दादा को क्या कहेंगे, जो उसी गठबंधन का हिस्सा थे? वह उन्हें क्या उपाधि देंगे?
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उदयनिधि मौजूदा राजनीतिक संदर्भ में करुणानिधि का नाम लेकर परोक्ष रूप से उनकी आलोचना कर रहे हैं।
पलानीस्वामी ने आगे लिखा कि क्या वह अपने दादा की सीधे तौर पर आलोचना करने में असमर्थ हैं और इसलिए उनके बारे में बोलने के लिए मेरे नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं?
इसके साथ ही पलानीस्वामी ने राज्य में परिवार-आधारित शासन के जारी रहने की आवश्यकता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि स्टालिन परिवार दुनिया के सबसे धनी राजनीतिक परिवारों में से एक है।
उन्होंने पूछा कि क्या तमिलनाडु पर ऐसे धनी परिवार का शासन जारी रहना आवश्यक है?
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव वंशवादी और वंशानुगत राजनीति पर जनमत संग्रह के रूप में काम करेंगे। आगामी चुनाव ऐसा होगा, जिसमें तमिलनाडु की जनता परिवारवाद को जड़ से उखाड़ फेंकेगी और विरासत की राजनीति को खारिज कर देगी।
दोनों नेताओं की ओर से अपने हमलों को तेज करने के साथ, तमिलनाडु में राजनीतिक माहौल और अधिक आक्रामक होने की संभावना है।
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने विपक्षी एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा था कि सत्तारूढ़ डीएमके को प्रधानमंत्री से डर नहीं लगता।
--आईएएनएस
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