राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चार देशों के राजदूतों से परिचय पत्र प्राप्त किए
नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान चार देशों के राजदूतों से उनके परिचय पत्र स्वीकार किए। माली, म्यांमार, मेडागास्कर और इक्वेटोरियल गिनी के राजनयिकों ने राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र सौंपे।
माली के राजदूत फटोमा थेरा ने सबसे पहले राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए। भारत ने मई 2009 में माली की राजधानी बमाको में अपना दूतावास खोला था। भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत ने माली को कुल 303.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सात क्रेडिट लाइनें प्रदान की हैं। माली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का भी समर्थन करता है।
इसके बाद म्यांमार के राजदूत यू आये मिन हत्वे ने राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र सौंपे। भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच मजबूत संबंध रहे हैं, जो आज भी दोनों देशों की साझेदारी की मजबूत नींव बने हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, म्यांमार भारत के लिए रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण देश है। यह आसियान का एकमात्र देश है जिसकी भारत के साथ जमीनी और समुद्री, दोनों सीमाएं जुड़ी हुई हैं। म्यांमार भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले प्रवेश द्वार की तरह भी काम करता है।
मेडागास्कर की राजदूत मैंडेहात्सारा जॉर्गेट ने भी राष्ट्रपति मुर्मु को अपने परिचय पत्र सौंपे। भारत और मेडागास्कर के संबंध 18वीं सदी से चले आ रहे हैं। वर्तमान में मेडागास्कर में लगभग 17,500 भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनमें अधिकतर गुजरात से जुड़े हुए हैं।
भारत ने 1954 में मेडागास्कर की राजधानी अंतानानारिवो में एक वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट जनरल) खोला था। 1960 में मेडागास्कर की स्वतंत्रता के बाद इसे पूर्ण दूतावास का दर्जा दे दिया गया। इसके अलावा, इक्वेटोरियल गिनी के राजदूत मिगुएल एडजैंग एंग्यू ने भी राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और इक्वेटोरियल गिनी के बीच 1968 में उसकी स्वतंत्रता से पहले से ही दोस्ताना और गर्मजोशी भरे संबंध रहे हैं।
इक्वेटोरियल गिनी ने अक्टूबर 2016 में नई दिल्ली में अपना स्थायी राजनयिक मिशन स्थापित किया था, जबकि भारत ने मार्च 2019 में उसकी राजधानी मलाबो में अपना मिशन शुरू किया।
--आईएएनएस
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