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पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले चुनाव आयोग ने 432 मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की

 

कोलकाता, 3 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में मतगणना पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है।

सोमवार को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। राज्य की 293 विधानसभा सीटों के लिए वोटों की गिनती की जाएगी। प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए चुनाव आयोग ने मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।

आयोग की अधिसूचना के अनुसार, कुल 432 मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। 294 सीटों के लिए इन पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।

सबसे अधिक मतगणना पर्यवेक्षक उत्तर 24 परगना जिले में नियुक्त किए गए हैं, जहां लगभग 49 पर्यवेक्षक 33 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना की निगरानी करेंगे।

दक्षिण 24 परगना जिले की 31 सीटों के लिए कुल 45 पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे। मुर्शिदाबाद में 22 सीटों के लिए 33 पर्यवेक्षक होंगे, जबकि कोलकाता में 11 सीटों के लिए 12 मतगणना पर्यवेक्षक होंगे। इसी प्रकार सभी जिलों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।

अलीपुरदुआर जिले के लिए सबसे कम पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जहां पांच सीटों पर मतगणना की निगरानी के लिए छह पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।

आयोग के अनुसार, पर्यवेक्षक मतगणना प्रक्रिया में हर संभव सहायता प्रदान करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

मतगणना प्रक्रिया के लिए पुलिस पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति की गई है, जिनमें लगभग 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात हैं। प्रत्येक पुलिस पर्यवेक्षक राज्य भर में स्थित 77 मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखेगा। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतगणना के दिन उन्हें मतगणना कक्षों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

आयोग ने पहले कहा था कि केवल क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र रखने वालों को ही मतगणना केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा। अब यह स्पष्ट किया गया है कि केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

इस बीच, मतगणना दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक जीपी सिंह ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए एक मतगणना केंद्र का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतगणना प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए चुनाव अधिकारियों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और राज्य पुलिस के साथ समन्वय को मजबूत करना था।

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी