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'इन्हें देखते ही दिनभर की थकान दूर हो जाती है', ईशा सिंह ने अपनी पालतू बिल्लियों पर लुटाया प्यार

 

मुंबई, 7 अगस्त (आईएएनएस)। टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री ईशा सिंह अपने अभिनय के साथ-साथ अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी अक्सर चर्चा में रहती हैं। उनके पास छह पालतू बिल्लियां हैं, जिनको लेकर ईशा ने कहा कि जब वह लंबे और थकाऊ शूटिंग शेड्यूल के बाद घर पहुंचती है, तो उन्हें सबसे ज्यादा सुकून अपनी बिल्लियों के बीच ही मिलता है।

उन्होंने कहा कि मेरे लिए इन बिल्लियों के साथ बिताए गए समय से बढ़कर कुछ नहीं है। यह मेरे परिवार का हिस्सा हैं, जिन्होंने मेरी जिंदगी को प्यार और खुशी से भर दिया है।

ईशा सिंह ने बताया कि उनकी छह बिल्लियों के नाम सिम्बा, गिन्नी, गुच्ची, प्राडा, लिम्का और कोला हैं।

ईशा ने कहा, ''लोग अक्सर पूछते हैं कि लगातार शूटिंग और व्यस्त दिनचर्या के बाद मैं खुद को कैसे रिलैक्स करती हूं। इस सवाल का जवाब मेरे लिए बेहद आसान है। जैसे ही मैं घर का दरवाजा खोलती हूं, तो सभी बिल्लियां मेरा स्वागत करने के लिए दौड़कर आती हैं। ये देख दिनभर की थकान और तनाव पलभर में गायब हो जाता है। ये मुझसे कुछ नहीं मांगती और बिना किसी शर्त के मुझे प्यार करती हैं। यही बात मुझे सबसे ज्यादा सुकून देती है।''

अभिनेत्री ने अपनी हर बिल्ली की अलग-अलग खासियत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''सिम्बा बहुत आत्मविश्वासी है और हमेशा घर में अपनी मौजूदगी का एहसास कराती है। गिन्नी सबसे ज्यादा प्यार जताने वाली है और हर समय मेरे पास आकर बैठना पसंद करती है। गुच्ची का अपना अलग ही अंदाज है और उसमें भरपूर नखरे हैं। वहीं प्राडा बेहद शांत स्वभाव की है। लिम्का हमेशा नई शरारतें करती रहती है और हर दिन कुछ नया कर देती है, जबकि कोला पूरे घर का सबसे बड़ा मनोरंजन है।''

ईशा ने कहा कि इन सभी को आपस में खेलते, दौड़ते और मस्ती करते देखना किसी भी फिल्म या टीवी शो से ज्यादा मजेदार होता है। हर दिन इनकी नई हरकतें घर में खुशियां बिखेर देती हैं और कोई भी दिन पहले जैसा नहीं लगता।

ईशा सिंह का कहना है, ''पालतू जानवर इंसान की जिंदगी में जितना बदलाव लाते हैं, उसका एहसास हर किसी को नहीं हो पाता। अक्सर लोग यह सोचते हैं कि इंसान जानवरों को सहारा देता है, लेकिन असल में पालतू जानवर ही इंसान को भावनात्मक सहारा देते हैं। मेरी बिल्लियों ने मुझे धैर्य रखना, हर परिस्थिति में दयालु बने रहना और छोटी-छोटी खुशियों में मुस्कुराना सिखाया है। कई बार ऐसा होता है कि घंटों की शूटिंग के बाद मैं बेहद थकी हुई घर लौटती हूं, लेकिन अपनी बिल्लियों के साथ कुछ मिनट बिताने भर से मेरा पूरा मूड बदल जाता है। मुझे ऐसा महसूस होता है जैसे सारी परेशानियां और तनाव कहीं दूर चले गए हों।''

ईशा ने कहा, ''मेरे लिए मेरे घर और मेरी बिल्लियां सबसे सुरक्षित जगह हैं, जहां मुझे मानसिक शांति मिलती है। चाहे मेरे काम का दबाव कितना भी बढ़ जाए या जिंदगी मुझे कहीं भी ले जाए, ये छह बिल्लियां हमेशा मेरी सबसे बड़ी ताकत रहेंगी।''

--आईएएनएस

पीके/एएस