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तमिलनाडु : नागरकोइल सब-जेल हिरासत मौत मामले में 8 कैदी और 3 वार्डन गिरफ्तार, पोस्टमार्टम में मिले चोट के 19 निशान

 

चन्नई, 16 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नागरकोइल सब-जेल में रिमांड पर बंद कारोबारी सबरिवर्मन की हिरासत में हुई मौत के मामले में जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस ने इस मामले में कथित तौर पर हमले में शामिल आठ कैदियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इससे पहले गिरफ्तार किए गए तीन जेल वार्डनों को भी निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस घटना में अन्य कैदियों या जेल कर्मचारियों की भी कोई भूमिका थी या नहीं।

मामले में यह कार्रवाई आसरिपल्लम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम के बाद तेज हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सबरिवर्मन के शरीर पर 19 बाहरी चोटों के निशान पाए गए। रिपोर्ट से संकेत मिला कि न्यायिक हिरासत के दौरान उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

इससे पहले पुलिस ने हिरासत में मौत के मामले में मुख्य वार्डन तिरुमलैनंबी तथा वार्डन जेगन और शिवकुमार को गिरफ्तार किया था। बाद में जेल प्रशासन ने तीनों अधिकारियों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया।

जांच के दौरान पुलिस ने हमले में शामिल बताए जा रहे आठ कैदियों की पहचान की। गिरफ्तार किए गए कैदियों में विष्णु (21), सारथी (19), जेगन (40), शरत (20), वेरियापेरुमल (36), सेतुराम (30), अजीत (29) और अरविंद (27) शामिल हैं। इन सभी पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस जांच के अनुसार, 12 जुलाई की रात सबरिवर्मन का सब-जेल के अंदर कुछ कैदियों से विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। जांचकर्ताओं को शक है कि पहले सबरिवर्मन के हाथ और पैर बांधे गए, इसके बाद कैदियों ने वार्डनों की कथित मिलीभगत से उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।

इस हमले में सबरिवर्मन के शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गए। इसके बाद जेल कर्मचारी उन्हें इलाज के लिए आसरिपल्लम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए लेकिन अधिकारियों का मानना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई थी।

पुलिस अब गिरफ्तार वार्डनों और कैदियों से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस घटना में अन्य जेल कर्मचारी या कैदी भी शामिल थे या उन्हें इस हमले की पहले से जानकारी थी।

उधर, सबरिवर्मन के परिजनों ने लगातार तीसरे दिन भी उनका शव लेने से इनकार कर दिया। परिवार की मांग है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, सरकार उचित मुआवजा दे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करे।

परिवार की मांगों के समर्थन में आसरिपल्लम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक, स्थानीय लोग और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता एकत्र हुए। सभी ने हिरासत में हुई इस मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम