कर्नाटक: ईडी की छापेमारी को लेकर सीएम सिद्दारमैया ने केंद्र का किया घेराव
चामराजनगर, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल कर रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को ऐसे मामलों में बचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार चुनिंदा तौर पर विपक्ष को निशाना बना रही है। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस विधायक एनए हैरिस के बेटे मोहम्मद नलपाड के घर पर ईडी की छापेमारी का भी जिक्र किया।
उन्होंने चामराजनगर जाने से सत्ता खोने की पुरानी अंधविश्वास वाली धारणा पर भी बात की। सीएम सिद्दारमैया ने इस अंधविश्वास पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं अंधविश्वास में विश्वास नहीं करता, इसलिए मैं चामराजनगर अक्सर जाता रहता हूं। मैंने मजाक में कहा था कि यहां आने से स्थिति मजबूत होती है।"
कर्नाटक सरकार की गारंटी योजनाओं की आलोचना और बाद में विपक्ष द्वारा उन्हें अपनाने पर उन्होंने कहा कि जो लोग पहले इसका विरोध करते थे, अब उन्हें समझ में आ गया है कि ये गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाएं हैं।
जनता दल (सेक्युलर) के विधायक शरणगौड़ा चंदापुर द्वारा लिखे गए एक कथित पत्र, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुआवजा केवल मुख्यमंत्री के क्षेत्र में दिया जा रहा है, पर सिद्दारमैया ने कहा कि सभी पात्र लोगों को राहत दी जा रही है।
उन्होंने कहा, "अगर मामला हमारे ध्यान में आता है तो हम मुआवजा देंगे। अगर विधायक भी अनुरोध करेंगे तो भी निश्चित रूप से दिया जाएगा।"
उन्होंने महिला आरक्षण पर कहा कि भाजपा ने ऐतिहासिक रूप से इसका विरोध किया है।
उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के जरिए स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिया गया था।
उन्होंने कहा, "एनडीए ने राज्यसभा में इसका विरोध किया था। अब राजनीतिक कारणों से उन्होंने इसे परिसीमन से जोड़कर एक बिल लाया है। हमारा विरोध महिलाओं के आरक्षण से नहीं, बल्कि परिसीमन से है।"
तीसरी भाषा के लिए अंक देने को लेकर हाई कोर्ट के निर्देश पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अदालत के आदेश का पालन करेगी और उसी के अनुसार आगे कदम उठाएगी।
ऑक्सीजन से जुड़ी एक त्रासदी में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने के आरोप पर उन्होंने कहा कि इस मामले पर अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
अल्पसंख्यक नेताओं द्वारा कांग्रेस नेतृत्व को लिखे गए कथित पत्र में उपेक्षा का आरोप लगाया गया था, इस पर उन्होंने कहा कि फैसले उनकी मौजूदगी में ही लिए गए थे। उन्होंने कहा, "वे निर्णय के समय मौजूद थे, बाद में उन्होंने आपत्ति जताई।"
मुख्यमंत्री ने यह भी विश्वास जताया कि दावणगेरे और बागलकोट विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार जीतेंगे।
--आईएएनएस
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