मध्य प्रदेश: शिक्षा विभाग ट्रेजरी घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल
भोपाल, 10 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर सब-जोनल ऑफिस ने सरकारी फंड के बड़े घोटाले के मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसके तहत गुरुवार को इंदौर में स्पेशल जज (पीएमएलए) के सामने एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की गई। यह मामला मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के ब्लॉक शिक्षा कार्यालय (बीईओ), कट्टीवाड़ा से 20.47 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े और गबन से जुड़ा है।
ईडी ने कट्टीवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। इसी को लेकर ईडी की शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में पता चला कि कमल राठौर ने दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर 2018 और 2023 के बीच बिलों को धोखाधड़ी से पास कराया, जिससे अलीराजपुर ट्रेजरी से सरकारी फंड गैरकानूनी तरीके से निकाला गया।
आरोप है कि अपराध से मिली रकम को राठौर और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा चलाए जा रहे कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया। बाद में इस फंड को कैश में निकाला गया और धार जिले की गंधवानी तहसील में खेती की जमीन खरीदने में इस्तेमाल किया गया।
पैसे के गैर-कानूनी स्रोत को छिपाने के लिए आरोपियों ने खरीदी गई जमीन पर 'श्री बालाजी धाम' नाम से एक रेजिडेंशियल प्लॉटिंग प्रोजेक्ट बनाया। इस कदम का मकसद गलत तरीके से हासिल की गई संपत्ति को वैध निवेश के तौर पर दिखाना था।
ईडी ने इस मामले में पहले पीएमएलए के तहत तलाशी ली थी, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए और कई बैंक खाते फ्रीज किए गए। इसी के साथ एजेंसी ने आरोपियों की 4.43 करोड़ रुपए की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया। इस फैसले की पुष्टि बाद में 10 मार्च को एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने की।
आगे की जांच में पता चला कि खेती की जमीन को 'श्री बालाजी धाम' प्रोजेक्ट के तहत 56 रेजिडेंशियल प्लॉट में बदल दिया गया था। ईडी ने 23 जून के अस्थायी अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए इन प्लॉट को तुरंत जब्त कर लिया। जब्त की गई इन संपत्तियों की मार्केट वैल्यू 6 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
यह सप्लीमेंट्री शिकायत ईडी द्वारा 29 सितंबर 2025 को कमल राठौर और अन्य के खिलाफ दायर शुरुआती चार्जशीट पर आधारित है। इंदौर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) ने नई फाइलिंग का संज्ञान लिया है और आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं।
--आईएएनएस
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