ईडी ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में आईआईटीएल के 42.13 करोड़ रुपए के शेयर किए जब्त
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए)-2002' के तहत एनएन फाइनेंस के पास मौजूद इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आईआईटीएल) के शेयरों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इन शेयरों की मौजूदा बाजार कीमत 42.13 करोड़ रुपए है।
एजेंसी ने यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर हुए वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में की है। पीएसीएल लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों की ओर से चलाई जा रही एक सामूहिक निवेश योजना के जरिए कथित तौर पर वित्तीय धोखाधड़ी की गई।
इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 420 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। इसके बाद, सीबीआई ने एक अवैध निवेश योजना चलाने में कथित भूमिका के लिए 33 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र दायर किया।
आरोपपत्रों के अनुसार, आरोपी कंपनियों और व्यक्तियों ने एक बड़े पैमाने पर अवैध सामूहिक निवेश योजना चलाई। उन्होंने कृषि भूमि की बिक्री और डेवलपमेंट के बहाने पूरे भारत में लाखों निवेशकों से कथित तौर पर धोखाधड़ी करके 48 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि जुटाई।
निवेशकों को नकद अग्रिम भुगतान और किश्तों में भुगतान योजनाओं के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। उनसे एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य फर्जी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। अधिकतर मामलों में, वादा की गई जमीन नहीं दी गई, जिसके परिणामस्वरूप निवेशकों को लगभग 48,000 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया।
ईडी ने 2016 में इस मामले में एक प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की और 2018 में एक अभियोजन शिकायत दर्ज की। इसके बाद 2022, 2025 और 2026 में मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल विभिन्न आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ छह पूरक अभियोजन शिकायतें दर्ज की गईं।
हालिया कार्रवाई के तहत ईडी ने एनएन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास मौजूद इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड के 29.46 लाख इक्विटी शेयर जब्त कर लिए हैं। ये शेयर 30.90 करोड़ रुपए में खरीदे गए थे और 18 सितंबर तक इनका मौजूदा बाजार मूल्य 42.13 करोड़ रुपए था।
जांच से पता चला कि इक्विटी शेयरों के लिए पीएसीएल से डायवर्ट किए गए फंड का इस्तेमाल किया गया था। ये फंड असल में निवेशकों से इकट्ठा किया गया था और अपराध की आय का हिस्सा था।
फिलहाल, इस कुर्की के साथ ईडी ने अब तक भारत और विदेश में स्थित संपत्तियों सहित लगभग 29,667.76 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया है।
--आईएएनएस
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