बंगाल उपचुनाव: चुनाव आयोग ने एजेयूपी और एआईएसएफ को दिए नए चुनाव चिह्न, नंदीग्राम-रेजीनगर में नए सिंबल पर लड़ेंगे उम्मीदवार
कोलकाता, 19 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में होने वाले नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग (ईसीआई) ने शनिवार को आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) को नए चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए। एजेयूपी को अब 'टेबल' और एआईएसएफ को 'अलमारी' चुनाव चिह्न दिया गया है।
हुमायूं कबीर की अगुवाई वाली एजेयूपी पहले 'सीटी' चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ती थी। इसी प्रतीक पर हुमायूं कबीर ने इस वर्ष मुर्शिदाबाद जिले की नाओदा और रेजीनगर विधानसभा सीटों से जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने नाओदा सीट बरकरार रखी, जिसके कारण रेजीनगर सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हो रहा है। इस सीट पर एजेयूपी उम्मीदवार गोलाम नबी आजाद अब 'टेबल' चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे। उपचुनाव के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
वहीं, एआईएसएफ को 'लिफाफा' की जगह 'अलमारी' चुनाव चिह्न दिया गया है। हाल ही में चुनाव आयोग ने निष्कासित तृणमूल कांग्रेस विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न आवंटित किया था। इसके बाद एआईएसएफ का चुनाव चिह्न बदलकर 'अलमारी' कर दिया गया।
पूर्वी मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में एआईएसएफ ने मोहम्मद साबे मिराज अली खान को उम्मीदवार बनाया है। यह उपचुनाव भी 6 अक्टूबर को होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
इस फैसले पर एआईएसएफ के अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के एकमात्र विधायक नौशाद सिद्दीकी ने चुनाव आयोग की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने 2021 और 2026 दोनों विधानसभा चुनाव दक्षिण 24 परगना जिले की भांगर सीट से 'लिफाफा' चुनाव चिह्न पर जीतकर लड़े थे, इसलिए यह फैसला अनुचित है।
सिद्दीकी ने कहा कि एआईएसएफ ने इस मामले में चुनाव आयोग को पत्र लिखा है और जरूरत पड़ने पर अदालत का रुख भी किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि एआईएसएफ का गठन ऋतब्रत बनर्जी के गुट से काफी पहले हुआ था, इसलिए 'लिफाफा' चुनाव चिह्न पर पहला अधिकार उनकी पार्टी का है।
उधर, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी पार्टी का उम्मीदवार अब ईवीएम में दर्ज हो चुका है। उन्होंने कहा कि "अहंकारी वंशवादी अब फिलहाल ईवीएम से गायब हो गए हैं। भारतीय लोकतंत्र में अहंकारी और निरंकुश तानाशाहों के लिए कोई जगह नहीं है।"
--आईएएनएस
डीएससी