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शृंगेरी रिकाउंटिंग : भाजपा ने खुद को बताया विजेता, राहुल गांधी पर लगाया 'वोटों की हेराफेरी' का आरोप

 

चिकमगलूर (कर्नाटक), 3 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश पर 2023 विधानसभा चुनाव में शृंगेरी विधानसभा क्षेत्र के पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्र) की दोबारा जांच और गिनती की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसकी रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी गई है।

रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव अधिकारी द्वारा दिए गए आंकड़ों के आधार पर अपनी जीत का दावा किया, हालांकि आधिकारिक परिणाम अभी निर्वाचन आयोग ने घोषित नहीं किया है। वहीं, शनिवार को कांग्रेस के वर्तमान विधायक टी.डी. राजेगौड़ा ने दोबारा गिनती के बाद अपनी जीत का दावा किया और मतगणना केंद्र के पास समर्थकों के साथ जश्न मनाया।

गिनती की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर कथित “वोट चोरी” को लेकर तीखा हमला बोला। चुनाव अधिकारी गौरव कुमार शेट्टी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि इस समय कोई आधिकारिक परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा, क्योंकि रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को सौंप दी गई है। भाजपा नेता और हारे हुए उम्मीदवार डी.एन. जीव‍राज ने पहले पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने कांग्रेस विधायक टी.डी. राजेगौड़ा की जीत को चुनौती दी थी।

शेट्टी ने बताया कि हाई कोर्ट ने उम्मीदवारों के वोटों में अंतर को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि जीव‍राज के पोस्टल वोट 692 से घटकर 690 हो गए हैं। वहीं, टी.डी. राजेगौड़ा के पोस्टल वोट 569 से घटकर 314 हो गए हैं, यानी 250 वोट कम हो गए। शेट्टी ने आगे स्पष्ट किया, "हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल, 2026 को अपना आदेश जारी किया था, जिसमें वोटों की दोबारा जांच और दोबारा गिनती का निर्देश दिया गया था। हमने आदेश के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी कर ली है। हालांकि, कोर्ट ने हमें नतीजों की घोषणा करने का निर्देश नहीं दिया है।"

गौर करने वाली बात है कि 2023 के चुनाव में शृंगेरी सीट काफी चर्चा में रही थी। उस समय भाजपा उम्मीदवार डी.एन. जीव‍राज, कांग्रेस के टी.डी. राजेगौड़ा से सिर्फ 201 वोटों से हार गए थे। अब दोबारा गिनती में राजेगौड़ा के 250 पोस्टल वोट कम हो जाने के बाद भाजपा ने जीत का दावा किया है।

शेट्टी ने आगे स्पष्ट किया, "हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल, 2026 को अपना आदेश जारी किया था, जिसमें वोटों की दोबारा जांच और दोबारा गिनती का निर्देश दिया गया था। हमने आदेश के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी कर ली है। हालांकि, कोर्ट ने हमें नतीजों की घोषणा करने का निर्देश नहीं दिया है।"

उन्होंने यह भी बताया कि हाई कोर्ट का आदेश केवल पोस्टल बैलेट से संबंधित था, न कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के वोटों से। उन्होंने कहा," कोर्ट ने विशेष रूप से 279 पोस्टल बैलेट का ज़िक्र किया था। उसने चुनाव आयोग को उन बैलेट की जांच करने और बाकी बचे पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती करने का निर्देश दिया था। हमने उसी के अनुसार पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है।"

उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ दो उम्मीदवारों- डी.एन. जीव‍राज और टी.डी. राजेगौड़ा से जुड़ा था। अगर उनके वोटों में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो उसकी रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजनी थी, जो भेज दी गई है। अंतिम आंकड़े देते हुए शेट्टी ने कहा, "2023 की गिनती के दौरान, जीवराज को 692 पोस्टल वोट मिले थे, जबकि राजेगौड़ा को 569 वोट मिले थे। दोबारा गिनती और दोबारा जांच के बाद, अब जीवराज के पास 690 पोस्टल वोट हैं, जबकि राजेगौड़ा के पास 314 वोट हैं।"

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि शृंगेरी सीट पर दोबारा गिनती के बाद कांग्रेस की सच्चाई सामने आ गई है और इसे सच और लोकतंत्र की जीत बताया।

--आईएएनएस

एएस/