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कर्नाटक एसआईआर में गड़बड़ियों का आरोप, एनडीए प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से की शिकायत

 

बेंगलुरु, 7 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने कर्नाटक में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान कथित अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

दिल्ली में चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में जोशी ने कहा कि आयोग ने उनके ज्ञापन का विस्तार से अध्ययन किया और मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया।

उन्होंने बताया कि एनडीए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात कर आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार एसआईआर प्रक्रिया को प्रभावित करने और पूरे अभियान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रही थी और अब इसके क्रियान्वयन के दौरान अनियमितताओं में शामिल है।

उन्होंने दावा किया कि हुबली, धारवाड़ और मैसूर जैसे बड़े शहरों में बांग्लादेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की साजिश चल रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बीएलए एसआईआर फॉर्मों की बड़े पैमाने पर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं, तो अधिकारी उनसे अभद्र तरीके से बात करते हैं।

प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से न हटाने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने प्रक्रिया में जल्दबाजी का कारण पूछा तो अधिकारियों ने यही बात बताई।

जोशी ने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन लोगों का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है, वे केवल माता-पिता या दादा-दादी जैसे करीबी पारिवारिक संबंधों के आधार पर अपनी पात्रता साबित कर सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में लोग एसआईआर फॉर्म भरते समय चाचा और अन्य दूर के रिश्तेदारों का हवाला दे रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है।

जोशी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने बेंगलुरु में मतदाता धोखाधड़ी के आरोप लगाए, लेकिन बाद में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई।

उन्होंने कहा कि एनडीए ने चुनाव आयोग को बताया है कि राहुल गांधी द्वारा उल्लेखित 27 वार्डों में समानांतर एसआईआर प्रक्रिया चलाए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।

जोशी ने कहा कि एनडीए प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से कर्नाटक में एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी के लिए स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त करने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कथित अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्यों वाली एक पेन ड्राइव भी आयोग को सौंपी है।

जोशी ने स्पष्ट किया कि एनडीए की मांग किसी विशेष समुदाय को एसआईआर प्रक्रिया से बाहर रखने की नहीं है। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित हो।

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में 20 लाख से अधिक बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों ने भी इस बात को स्वीकार किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन लोगों को मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड जारी कर संरक्षण दे रही है। कुमारस्वामी ने चुनाव आयोग से ऐसे लोगों की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग की।

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अधिकारियों पर मौखिक दबाव डाल रही है और उन्हें खान, अब्दुल और करीम जैसे मुस्लिम नामों को मतदाता सूची से न हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों को मुस्लिम मतदाताओं के नाम नहीं हटाने और अन्य धर्मों के लोगों के नामों पर कार्रवाई करने की छूट दी गई है। अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि राज्यभर के उपायुक्त इन कथित मौखिक निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी