विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सिंगापुर के समकक्ष बालाकृष्णन से की मुलाकात, रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा
सिंगापुर, 19 अगस्त (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने बुधवार को दोनों देशों के बीच 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप) को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और साथ ही मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया।
बैठक के बाद, विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा, "सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मिलकर खुशी हुई। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई। मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति पर उनकी राय भी मेरे लिए महत्वपूर्ण है। गुरुवार को होने वाली चौथी भारत-सिंगापुर मंत्री-स्तरीय गोलमेज बैठक (आईएसएमआर) के दौरान उनके साथ और बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं।"
विदेश मंत्री जयशंकर और बालाकृष्णन ने सिंगापुर में भारत के उच्चायोग के नए चांसरी कॉम्प्लेक्स (दूतावास परिसर) की आधारशिला भी रखी। विदेश मंत्री ने विश्वास जताया कि यह कार्यालय दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए चरण का प्रतीक बनेगा और सिंगापुर में भारतीय समुदाय के लिए समर्थन को मजबूत करेगा।
विदेश मंत्री ने एक्स पर लिखा, "सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ मिलकर भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी। मुझे विश्वास है कि यह कॉम्प्लेक्स भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए युग को दर्शाएगा और भारतीय समुदाय के लिए सेवाओं को और मजबूत करेगा।"
विदेश मंत्री जयशंकर चौथी भारत-सिंगापुर मंत्री-स्तरीय गोलमेज बैठक (आईएसएमआर) से पहले मंगलवार को सिंगापुर पहुंचे।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार,आईएसएमआर का चौथा दौर गुरुवार को सिंगापुर में आयोजित किया जाएगा।
मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री जयशंकर के साथ-साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भारतीय पक्ष की ओर से इस गोलमेज बैठक में भाग लेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, आईएसएमआर का तंत्र सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जिसमें नए और उभरते क्षेत्र भी शामिल हैं। इसकी पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी। वहीं दूसरी सिंगापुर (अगस्त 2024) और तीसरी बैठक अगस्त 2025 में नई दिल्ली में हुई थी।
--आईएएनएस
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