मॉरीशस में जयशंकर और सेशेल्स के विदेश मंत्री की मुलाकात, आर्थिक सहयोग पर हुई चर्चा
पोर्ट लुइस, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को मॉरीशस में आयोजित 9वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस के इतर सेशेल्स के अपने समकक्ष बैरी फॉरे से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सेशेल्स की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों से निपटने में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “9वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस के मौके पर सेशेल्स के विदेश मंत्री बैरी फॉरे से शानदार मुलाकात हुई। भारत, सेशेल्स को उसकी मौजूदा आर्थिक चुनौतियों से उबरने में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज के क्रियान्वयन में उठाए गए कदमों का स्वागत करता हूं।”
विदेश मंत्री जयशंकर इन दिनों मॉरीशस के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वे 9वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के साथ-साथ विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय वार्ता भी कर रहे हैं। इस दौरान वह मॉरीशस के नेतृत्व से भी मुलाकात कर भारत-मॉरीशस संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा कर रहे हैं।
इससे पहले मंगलवार को भारत ने सेशेल्स को 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न की खेप भेजी थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह सहायता 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज के तहत दी जा रही है, और आगे भी ऐसी सहायता भेजी जाएगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा, “सेशेल्स के लिए 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न की खेप भेजी गई है। 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज के तहत आगे भी सहायता जारी रहेगी।”
फरवरी में भारत यात्रा के दौरान सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने भारत द्वारा विकास, सुरक्षा जरूरतों और आकांक्षाओं को लेकर दिए जा रहे सहयोग की सराहना की थी। उन्होंने लाइंस ऑफ क्रेडिट, अनुदान, क्षमता निर्माण और हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के माध्यम से भारत की मदद को महत्वपूर्ण बताया था।
9 फरवरी को नई दिल्ली में हर्मिनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। सेशेल्स में सुशासन को मजबूत करने के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के विकास, खासकर डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लेकर भारत ने सहयोग का आश्वासन दिया।
दोनों देशों द्वारा अपनाए गए ‘जॉइंट विजन फॉर सस्टेनेबिलिटी, इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सिक्योरिटी थ्रू एन्हांस्ड लिंकिज’ (सेसेल) के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय विकास एजेंडा में भारत के विश्वसनीय साझेदार बने रहने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसमें सतत विकास, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, लचीलापन और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
दोनों देशों ने लोगों के हितों को केंद्र में रखते हुए विकास साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प भी जताया। भारत ने 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ‘स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज’ की घोषणा की, जिसमें 125 मिलियन डॉलर की रुपये आधारित लाइन ऑफ क्रेडिट और 50 मिलियन डॉलर की ग्रांट सहायता शामिल है। इस पैकेज के तहत विकास परियोजनाएं, नागरिक और रक्षा अधिकारियों का प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा और अन्य सहयोगात्मक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा।
--आईएएनएस
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