पश्चिम बंगाल में 25 सरकारी विभागों में ई-टेंडरिंग अनिवार्य, 3 नवंबर से लागू होगी नई व्यवस्था
कोलकाता, 2 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को 25 राज्य सरकारी विभागों में ई-टेंडरिंग को अनिवार्य करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य परियोजनाओं के काम को समय पर और अधिक पारदर्शी तरीके से पूरा करना है।
राज्य वित्त विभाग द्वारा सोमवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, इन 25 सरकारी विभागों के लिए नए ई-टेंडर पोर्टल खोले गए हैं, जहां अब से ई-टेंडरिंग अनिवार्य होगी। यह नई व्यवस्था 3 नवंबर से लागू हो जाएगी।
राज्य वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके मिश्रा द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना के अनुसार, इस पहल का मकसद "विभिन्न योजनाओं को समय पर और प्रभावी ढंग से लागू करना" और टेंडरिंग प्रक्रिया में "पारदर्शिता सुनिश्चित करना" है।
अधिसूचना में कहा गया है, "राज्य सरकार ने यह नया पोर्टल इसलिए शुरू किया है ताकि विभिन्न सरकारी परियोजनाओं का काम समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।"
अधिसूचना के मुताबिक, अब से संबंधित विभागों और उनके सभी अधीनस्थ कार्यालयों को नए टेंडर केवल इसी पोर्टल के माध्यम से जारी करने होंगे। इस नए वेब पोर्टल को राज्य वित्त विभाग के एक विशेष ज्ञापन के जरिए दिसंबर 2025 में ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया था।
इसके बाद, इस साल 12 अगस्त को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित कुछ विशिष्ट विभागों के अनुरोध पर इस व्यवस्था का दायरा चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया।
राज्य वित्त विभाग के अधिकारी ने बताया, "इस बार, एक साथ 25 विभागों में इस सेवा को पूरी तरह से लागू करने का निर्णय लिया गया है। पुराने पोर्टल की सभी जरूरी जानकारी भी तेजी से नए सिस्टम में ट्रांसफर की जा रही है।"
जिन विभागों में अब से ई-टेंडरिंग अनिवार्य कर दी गई है, उनमें कृषि एवं कृषि विपणन विभाग, पशुपालन विकास विभाग, सहकारिता विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, उपभोक्ता संरक्षण विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, स्कूली शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, पर्यटन विभाग, अग्निशमन सेवा विभाग, गृह एवं पर्वतीय कार्य विभाग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, श्रम विभाग, मत्स्य पालन विभाग, खाद्य प्रसंस्करण विभाग, बागवानी विभाग, आवास विभाग, कारागार प्रशासन विभाग, न्याय विभाग और महिला एवं बाल कल्याण विभाग शामिल हैं।
राज्य वित्त विभाग के अधिकारी ने कहा, "इस कदम का मुख्य उद्देश्य टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाना और सभी विभागों के लिए एक साझा डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करना है। नया पोर्टल शुरू होने के बाद सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और देरी में काफी कमी आएगी। संबंधित विभागों को मंगलवार से नए नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।"
--आईएएनएस
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