चढ़ावा चोरी: आरएसएस ने हिंदुओं को बदनाम और बांटने की कोशिश के प्रति किया आगाह, न्याय की उम्मीद जताई
नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शुक्रवार को हिंदू समुदाय से संयम बरतने और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले का इस्तेमाल करके धर्म और समाज को बदनाम करने वाली राष्ट्र-विरोधी ताकतों के बहकावे में न आने की अपील की।
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने एक बयान में हिंदुओं से इस मुश्किल घड़ी में एकजुट रहने का आह्वान किया ताकि अयोध्या की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हिंदू-विरोधी ताकतों की साजिशों को नाकाम किया जा सके।
उन्होंने कहा, "अयोध्या में श्रीरामलला मंदिर के दान पात्रों में जमा धनराशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे समुदाय और रामभक्तों की भावनाओं और आस्था को ठेस पहुंचाई है। हम सभी इस घटना से बहुत दुखी हैं।"
उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर, उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है और उसकी सिफारिशों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
होसबोले ने कहा, "यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा मिले।"
उन्होंने कहा कि आरएसएस सहित पूरा हिंदू समुदाय उम्मीद करता है कि ट्रस्ट इस बेहद निंदनीय घटना को असाधारण मानेगा और प्रबंधन व कामकाज में मौजूद सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा, ताकि राम मंदिर में लाखों रामभक्तों की आस्था और भक्ति अटूट व अडिग बनी रहे।
उन्होंने कहा, "भ्रम और अनिश्चितता की मौजूदा स्थिति खत्म होनी चाहिए। इस संबंध में, हम उम्मीद करते हैं कि मंदिर प्रबंधन और सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल सभी जरूरी कदम उठाएंगे।"
उन्होंने उम्मीद जताई कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट उचित वित्तीय प्रबंधन, सुचारू कामकाज के लिए त्रुटिहीन और पारदर्शी प्रणालियों, और पवित्रता व धर्मपरायणता से भरे माहौल के जरिए हिंदू समुदाय की आस्था और विश्वास को बनाए रखेगा।
इससे पहले, आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे के गबन की निंदा की थी और इस कथित कृत्य को 'महापाप' बताया था, साथ ही लोगों से चल रही जांच और देश की कानूनी व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने की अपील की थी।
--आईएएनएस
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