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महाराष्ट्र: शहरी विस्तार वाले इलाकों के भूमि रिकॉर्ड में बड़ा बदलाव, प्रॉपर्टी कार्ड किया जाएगा लागू

 

मुंबई, 6 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को घोषणा की कि नगर परिषदों और नगर निगमों में शामिल किए गए गांवों के भूमि रिकॉर्ड को अब प्रॉपर्टी कार्ड में बदला जाएगा और मौजूदा 7/12 जमीन रिकॉर्ड को बंद कर दिया जाएगा।

यह कदम नए शहरी क्षेत्रों के निवासियों को फायदा पहुंचाने और भूमि प्रशासन को सरल बनाने के लिए उठाया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि जब कोई गांव या ग्रामीण इलाका नगर निगम या नगर परिषद का हिस्सा बन जाता है तो उसकी जमीन की प्रकृति कृषि से बदलकर गैर-कृषि या शहरी उपयोग की हो जाती है। उन्होंने कहा, ''ऐसे मामलों में 7/12 जमीन रिकॉर्ड को बंद कर प्रॉपर्टी कार्ड लागू करना कानूनी रूप से ज्यादा उचित और सुविधाजनक है।''

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही इस फैसले को पूरे महाराष्ट्र में लागू करने का आदेश जारी करेगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह कदम उन क्षेत्रों में भूमि प्रशासन को आसान बनाएगा, जहां शहरी विस्तार के कारण बदलाव हुआ है।

मंत्री ने राजस्व विभाग को निर्देश दिया है कि ऐसे क्षेत्रों में 7/12 रिकॉर्ड बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जाए और पात्र जमीन मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड तैयार कर वितरित किए जाएं।

इस बदलाव से संपत्ति की खरीद-फरोख्त आसान होगी, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में प्रॉपर्टी कार्ड को स्वामित्व का स्पष्ट और मानकीकृत प्रमाण माना जाता है।

अधिकारियों ने कहा कि इससे बैंक लोन लेने में आने वाली दिक्कतें भी कम होंगी, क्योंकि जमीन के रिकॉर्ड में अंतर होने से अक्सर देरी होती है।

इसके अलावा, यह बदलाव भूमि रिकॉर्ड प्रणाली को एकरूप बनाने में मदद करेगा और दोहरी व्यवस्था से होने वाले विवाद भी कम होंगे।

इसी बीच, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड ट्यूब लेबलिंग और बारकोडिंग सिस्टम के तीन नए सिस्टम सफलतापूर्वक लगाए गए हैं। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी। यह परियोजना कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह ऑटोमेटेड सिस्टम सैंपल की लेबलिंग और बारकोडिंग खुद ही करेगा, जिससे मानवीय गलती की संभावना काफी कम हो जाएगी।

उन्होंने कहा, ''इस तकनीक से जांच की सटीकता बढ़ेगी और मरीजों की सुरक्षा में भी सुधार होगा। इससे अस्पताल का काम भी ज्यादा तेज और व्यवस्थित होगा।''

अधिकारियों के अनुसार, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में सटीकता और समय पर कार्रवाई बहुत जरूरी होती है। इस सिस्टम से सैंपल की गड़बड़ी, देरी और गलत पहचान जैसी समस्याएं खत्म होंगी, जिससे डॉक्टरों को ज्यादा भरोसेमंद रिपोर्ट मिलेगी और इलाज की प्रक्रिया तेज होगी।

यह नई तकनीक अस्पताल की लैब प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में भी मदद करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएसआर के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे ऐसे सुधार भविष्य में बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी