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महाराष्ट्र: सीएम फडणवीस ने राहुल गांधी के दिल्ली विरोध प्रदर्शन की आलोचना की, कांग्रेस पर लगाया आरोप

 

मुंबई, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को नई दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं में जनता का भरोसा कम करने के लिए जान-बूझकर एक नैरेटिव बनाया जा रहा है।

फडणवीस ने साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक देशभर में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति नकारात्मकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि उनका मकसद संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार बदनाम करना है ताकि लोगों का उन पर से भरोसा उठ जाए, और आखिरकार खुद संविधान को ही खारिज करने का रास्ता साफ हो सके।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह नैरेटिव फैलाया जा रहा था कि संवैधानिक संस्थाएं खत्म हो रही हैं और न्याय देने में असमर्थ हैं।

फडणवीस ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के छात्रों के आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सक्रियता से कदम उठाए हैं और आदिवासी छात्रों की मांगों को मान लिया है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व अपनी नेतृत्व की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए छात्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मौजूदा एमपीएससी चेयरमैन को हटाने की मांग पर फडणवीस ने साफ किया कि संविधान के आर्टिकल 317 के तहत, राज्य सरकार के पास चेयरमैन को सीधे हटाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि ऐसा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की जांच के बाद राष्ट्रपति को सिफारिश भेजनी पड़ती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, तब मौजूदा चेयरमैन पद पर नहीं थे। फिर भी, उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार ने गवर्नर से कमीशन के मौजूदा और पूर्व चेयरमैन, दोनों की जांच शुरू करने का अनुरोध किया है।

फडणवीस ने विपक्ष के नेताओं और विरोध-प्रदर्शन करने वालों की आलोचना की कि छात्रों की मुख्य मांगों को सरकार द्वारा पूरा किए जाने के बाद भी वे आंदोलन जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि चल रहे विरोध-प्रदर्शन छात्रों के भले की असली चिंता के बजाय "राजनीतिक अहंकार" से प्रेरित हैं।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक सीमाओं के बावजूद, सरकार ने गवर्नर से अनुरोध किया कि वे एमपीएससी के मौजूदा और पूर्व चेयरमैन, और उस समय के दौरान आयोग के कामकाज की व्यापक जांच का आदेश दें, जब पेपर लीक हुआ था।

मुख्यमंत्री ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार का किसी को भी बचाने का कोई इरादा नहीं है। जांच में कोई गड़बड़ी या प्रक्रिया में ऐसी खामियां पाई जाती हैं जिन पर अनुच्छेद 317 के तहत कार्रवाई की जरूरत हो, तो राज्य सरकार तुरंत राष्ट्रपति से उचित संवैधानिक कार्रवाई की सिफारिश करेगी।

फडणवीस ने सूखे से राहत के उपायों पर बात करते हुए कहा कि राज्य ने 23,000 से ज्यादा सर्वे किए गए गांवों में सूखे की स्थिति की समीक्षा पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की एक टीम 11 अक्टूबर को महाराष्ट्र का दौरा करेगी ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

गोकुल डेयरी चुनावों के बारे में, फडणवीस ने सत्ताधारी गठबंधन का रुख स्पष्ट किया और पुष्टि की कि महायुति गठबंधन हसन मुश्रीफ के नेतृत्व में कोल्हापुर गोकुल मिल्क यूनियन का चुनाव मिलकर लड़ेगा।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम