आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने जम्मू-कश्मीर में बैंकिंग कामकाज की समीक्षा की
श्रीनगर, 18 सितंबर (आईएएनएस)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर रोहित जैन ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में बैंकिंग कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने क्रेडिट को और बढ़ावा देने और यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई) को बड़े पैमाने पर अपनाने की जरूरत पर जोर दिया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि रोहित जैन ने जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे प्रमुख बैंकों के जोनल प्रमुखों के साथ एक बैठक की। अपनी शुरुआती बातों में उन्होंने इस इलाके में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और वित्तीय समावेश को मजबूत करने में बैंकों की भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने बैंकों से कहा कि वे जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए रखें, क्रेडिट डिलीवरी में सुधार करें और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, खासकर उन वर्गों तक ज्यादा पहुंच सुनिश्चित करें जहां अभी तक बैंकिंग सेवाएं ठीक से नहीं पहुंची हैं। जैन ने बदलती क्रेडिट जरूरतों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने के महत्व पर भी जोर दिया और ग्राहकों की सेवा की जरूरतों और शिकायतों के समाधान पर ध्यान देने की बात कही।
डिप्टी गवर्नर ने बैंकिंग सेवाओं के ज्यादा डिजिटलाइजेशन की बात कही, साथ ही बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के प्रति आगाह भी किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैंकों को यूएलआई के जरिए लोन प्रोसेसिंग बढ़ानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इसमें क्रेडिट डिलीवरी को बदलने की क्षमता है, ठीक वैसे ही जैसे यूपीआई ने डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में बदलाव किया था।
आरबीआई, जम्मू के क्षेत्रीय निदेशक ने जम्मू-कश्मीर के वित्तीय परिदृश्य का ब्यौरा पेश किया और कृषि, एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाश डाला। बैंकों के जोनल प्रमुखों ने भी अपने कामकाज की जानकारी दी, जिसमें बैंकिंग नेटवर्क, क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात, क्रेडिट प्रवाह और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लोन देना शामिल था।
इस समीक्षा में बैंकों को यूएलआई से जोड़ने की प्रगति, री-केवाईसी कवरेज, बिना दावे वाली जमा राशि के निपटान और जम्मू-कश्मीर के लिए बैंकों द्वारा शुरू की गई खास पहलों पर चर्चा की गई।
--आईएएनएस
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