मुंबई के बांद्रा में अतिक्रमण हटाने का अभियान पूरा, रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए अतिक्रमण हटाए
मुंबई, 23 मई (आईएएनएस)। मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास स्थित गरीब नगर इलाके में पश्चिम रेलवे द्वारा चलाया गया बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। पांच दिनों तक चले इस बड़े अभियान में रेलवे प्रशासन ने सभी अवैध झुग्गियों और निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। शनिवार को इलाके में मलबा हटाने का काम भी शुरू कर दिया गया।
पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान के दौरान सभी अवैध ढांचों को गिरा दिया गया। हालांकि इलाके में मौजूद करीब 100 अधिकृत मकानों के ग्राउंड फ्लोर को सुरक्षा कारणों से नहीं छुआ गया, लेकिन उन पर बने अवैध ऊपरी हिस्सों को तोड़ दिया गया।
यह पांच दिवसीय कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रही। अभियान के दौरान जब इलाके में मौजूद एक धार्मिक ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, तो स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। नाराज लोगों ने कार्रवाई रोकने के लिए रेलवे और प्रशासन की टीम पर पथराव कर दिया।
स्थिति को नियंत्रण में लाने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग घायल भी हुए। हालांकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के चलते हालात ज्यादा नहीं बिगड़े और आगे किसी बड़े तनाव को टाल दिया गया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पथराव की इस एक घटना को छोड़कर बाकी पूरा अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया गया। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। साथ ही दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए इलाके में सुरक्षा दीवार भी बनाई जा रही है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस जमीन के खाली होने के बाद बांद्रा स्टेशन क्षेत्र काफी खुला दिखाई देने लगा है, जिससे यात्रियों की आवाजाही आसान होगी। पश्चिम रेलवे अब यहां यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर नए इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना बना रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, नए लेआउट के तहत स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिल सके। साथ ही इस इलाके को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा।
रेलवे के लिए यह जमीन रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण हटने के बाद अब यहां रेलवे लाइनों का विस्तार और नई ट्रेन सेवाएं शुरू करना आसान होगा।
रेलवे की योजना सांताक्रूज से मुंबई सेंट्रल कॉरिडोर के बीच पांचवीं और छठी रेलवे लाइन विकसित करने की है। इससे लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग किया जा सकेगा, जिससे लोकल ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस खाली हुई जमीन की मदद से बांद्रा टर्मिनस और बांद्रा उपनगरीय स्टेशन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी। इससे भविष्य में करीब 50 नई लंबी दूरी की ट्रेनों को शुरू करने का रास्ता साफ होगा।
इसके अलावा यह क्षेत्र बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के पास स्थित है, जहां मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन समेत कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। ऐसे में यह कार्रवाई मुंबई की यातायात व्यवस्था और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
--आईएएनएस
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