दिल्ली पर ठंड-कोहरे का डबल अटैक, एक्यूआई 'गंभीर' स्तर पर
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह चारों तरफ जहरीली धुंध और घना कोहरा छाया रहा। हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई कि प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया। पूरी राजधानी जहरीले स्मॉग की मोटी चादर से ढक गई।
तापमान में तेजी से गिरावट के कारण स्थिति और खराब हो गई, जिसके बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शहर के कई हिस्सों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया।
आईएमडी के डेटा के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग में मुख्य मौसम स्टेशन पर शनिवार को न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आयानगर में यह 4.9 डिग्री सेल्सियस रहा। कई अन्य जगहों पर भी तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा, जो बताता है कि ठंड बढ़ गई है।
ताजा मौसम बुलेटिन में आईएमडी ने दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है। सुबह के समय कई जगहों पर हल्का कोहरा और कुछ जगहों पर घना कोहरा छाए रहने की उम्मीद है। विभाग ने बताया कि अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
इस बीच, दिल्ली की हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के अनुसार, शहर का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सुबह 6:30 बजे 437 दर्ज किया गया, जिसे 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया है।
कई मॉनिटरिंग स्टेशनों ने 450 से ज्यादा एक्यूआई लेवल रिपोर्ट किए, जिससे वे 'गंभीर प्लस' कैटेगरी में आ गए। वजीरपुर, सोनिया विहार, रोहिणी, आरके पुरम, पंजाबी बाग, पटपड़गंज, नॉर्थ कैंपस, नेहरू नगर, मुंडका, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, द्वारका सेक्टर 8, चांदनी चौक, बुराड़ी क्रॉसिंग, बवाना, अशोक विहार और आनंद विहार जैसे इलाकों में हवा की क्वालिटी बहुत खतरनाक लेवल पर रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग ने कम विजिबिलिटी के कारण कई जगहों पर कोहरे की चेतावनी भी जारी की। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने एक पैसेंजर एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया कि लो विजिबिलिटी प्रोसीजर लागू हैं। हालांकि फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य बताए गए, लेकिन यात्रियों को रियल-टाइम अपडेट के लिए अपनी-अपनी एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई।
गंभीर वायु प्रदूषण, घने कोहरे और शीतलहर की स्थिति के मिले-जुले असर से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की समस्याओं वाले लोगों के लिए।
--आईएएनएस
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