दिल्ली: आईएसआई समर्थित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी-आतंक मॉड्यूल का मुख्य ऑपरेटिव गिरफ्तार
नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे मुख्य गुर्गे को गिरफ्तार किया है, जिसका कथित तौर पर आईएसआई-समर्थित एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से संबंध है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
आरोपी की पहचान 45 वर्षीय प्रवीण कुमार उर्फ टिट्टू के रूप में हुई, जिसे दक्षिण दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर रोहित चौधरी का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है। आरोपी के कब्जे से इटली में बनी एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रवीण कुमार को क्राइम ब्रांच की एंटी-रॉबरी और स्नैचिंग सेल (एआरएससी) की एक टीम ने एसीपी संजय कुमार नागपाल की देखरेख में इंस्पेक्टर मान सिंह और सुंदर गौतम के नेतृत्व में गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी 14 मार्च को क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 49/26 की चल रही जांच के दौरान की गई। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र अधिनियम और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि प्रवीण कुमार ने शाहबाज अंसारी द्वारा चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर सप्लाई किए गए, विदेश में बने अत्याधुनिक अवैध हथियारों को हासिल करने वाले और उन्हें आगे पहुंचाने वाले के तौर पर काम किया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही, 25 अत्याधुनिक विदेशी हथियार, जिनमें एक सब-मशीन गन भी शामिल है, के साथ-साथ 221 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
जांचकर्ताओं ने दावा किया कि इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) का समर्थन हासिल था और इस मामले में यूएपीए की सख्त धाराएं पहले ही लगाई जा चुकी हैं।
पुलिस ने बताया कि प्रवीण कुमार, जो दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में खिड़की एक्सटेंशन का रहने वाला है, फिलहाल आया नगर में प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। जांच के दौरान पता चला कि वह कथित तौर पर विवादित प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जा करने, खाली पड़ी और वन भूमि पर अतिक्रमण करने और चौधरी के गिरोह के साथ मिलकर अवैध प्लॉटिंग करने जैसी गतिविधियों में शामिल था। एक अधिकारी ने बताया कि वह कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से कमाए गए पैसों को जुए और सट्टेबाजी के धंधों में लगाता था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रवीण कुमार की गिरफ्तारी पर पहले 2 लाख रुपए का इनाम रखा गया था, जबकि गैंगस्टर चौधरी पर पुलिस मुठभेड़ के बाद क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए जाने से पहले 4 लाख रुपए का इनाम था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, प्रवीण कुमार जेल में रहने के दौरान सह-आरोपी निशांत अरोड़ा के संपर्क में आया था। जमानत मिलने के बाद, उसने कथित तौर पर गिरोह के सदस्यों के लिए विदेश में बने अत्याधुनिक हथियार खरीदना शुरू कर दिया, ताकि आया नगर-मेहरौली इलाके में डर और दहशत फैलाई जा सके।
पुलिस ने चौधरी को एक कुख्यात अपराधी बताया है। वह हत्या, रंगदारी, संगठित अपराध और हथियारों के अवैध कब्जे से जुड़े कई मामलों में शामिल रहा है। उसका गिरोह कथित तौर पर आया नगर, पुष्प विहार और अंबेडकर नगर जैसे इलाकों में सक्रिय रहा है, जहां वे अपने प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाते थे और बिल्डरों, प्रॉपर्टी डीलरों और सट्टेबाजों से रंगदारी वसूलते थे।
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले चौधरी के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया था, जबकि उसके कई साथियों को हथियारों और हिंसक अपराधों से जुड़े मामलों में लगातार गिरफ्तार किया जाता रहा है।
प्रवीण कुमार का भी एक लंबा आपराधिक इतिहास है; उसके खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, हत्या, रंगदारी, दंगा भड़काने और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन जैसे आरोपों के तहत कई मामले दर्ज हैं।
--आईएएनएस
पीएसके