दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हत्या के प्रयास के मामले में 'टक्कर गिरोह' के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को हत्या के प्रयास के मामले में 'टक्कर गिरोह' के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शख्स को पहले ही घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
आरोपी की पहचान दिल्ली के डाबरी का निवासी 30 वर्षीय गुलाम ख्वाजा उर्फ आले के रूप में हुई है। उसे एनडीआर/क्राइम ब्रांच की एक टीम ने गिरफ्तार किया। सागरपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 307 और 34 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 594/2023 के संबंध में वह वांछित था।
पुलिस के अनुसार, नवंबर 2023 में इरफान रघु नगर इलाके में सट्टा का कारोबार चला रहा था। इरफान के साथ सट्टेबाजी में शामिल कुणाल को नुकसान हुआ और उसे बकाया राशि चुकाने के लिए कहा गया। इसके बाद उसने विक्की उर्फ टक्कर से संपर्क किया, जो उस समय जेल में था, और उससे मदद मांगी।
पुलिस ने बताया कि विक्की उर्फ टक्कर ने फिर अपने साथी गुलाम ख्वाजा उर्फ आले से संपर्क किया और उसे इरफान के सट्टेबाजी के अड्डे पर जाने का निर्देश दिया। ख्वाजा ने कथित तौर पर एक पिस्तौल का इंतजाम किया और उसे अमन को सौंपते हुए इरफान पर गोली चलाने का आदेश दिया।
3 दिसंबर, 2023 को रात करीब 8 बजे, गुलाम, कुणाल, हेमू और अमन इरफान के सट्टेबाजी के अड्डे पर पहुंचे। अमन ने कथित तौर पर इरफान पर दो गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली उसके पैर में लगी, जबकि दूसरी चूक गई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान, स्थानीय पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और पिस्तौल अमन से बरामद कर ली गई।
पुलिस ने बताया कि ख्वाजा को 25 मार्च को चिकित्सा कारणों से 14 दिनों की अंतरिम जमानत दी गई थी। हालांकि, जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद वह आत्मसमर्पण करने में विफल रहा और फरार हो गया। बाद में वह दिल्ली छोड़कर चला गया और लगातार अपने ठिकाने बदलकर और अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाकर गिरफ्तारी से बचता रहा। 5 अगस्त को अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।
क्राइम ब्रांच ने इंस्पेक्टर योगेश कुमार और विनोद यादव के पर्यवेक्षण और एसीपी उमेश बर्थवाल के समग्र पर्यवेक्षण में एसआई दीपेंद्र सिंह और हेड कांस्टेबल राजबीर, राम निवास, परमानंद, कुलदीप और अंचल कुमार की एक विशेष टीम का गठन किया।
तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर, टीम को सूचना मिली कि ख्वाजा दिल्ली पहुंचेगा और आनंद विहार रेलवे स्टेशन जाने के बाद सीतापुरी में गिरोह के सरगना टक्कर के आवास पर जाएगा। सूचना पर कार्रवाई करते हुए, टीम ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान, ख्वाजा ने टक्कर गिरोह से अपने संबंध और द्वारका, डाबरी, उत्तम नगर और हरियाणा के आसपास के इलाकों में उसकी गतिविधियों का खुलासा किया। उसे बीएनएसएस की धारा 35(1)(डी) के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है और संबंधित न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
--आईएएनएस
एमएस/