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दिल्ली की अदालत ने बांग्लादेशी नागरिक को गैरकानूनी रूप से रहने का दोषी ठहराया, वापसी का दिया आदेश

 

नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी से भारतीय पहचान-पत्र हासिल करके भारत में गैरकानूनी रूप से रहने वाले बांग्लादेशी नागरिक को दोषी ठहराया है और उसे बांग्लादेश वापस भेजने का आदेश दिया है।

आरोपी की पहचान साबू उर्फ ​​शाबू सरदार के तौर पर हुई है, को पहाड़गंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(ए) और फॉरेनर्स एक्ट की धारा 14(ए) के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 160/2025 के मामले में दोषी ठहराया गया।

पुलिस के अनुसार, शनिवार को तीस हजारी कोर्ट के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के लिंक ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (जेएमएफसी) ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया और अधिकारियों को उसे बांग्लादेश वापस भेजने (डिपॉर्टेशन) की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ को खुफिया जानकारी मिली कि बांग्लादेशी नागरिक दिल्ली में फर्जी भारतीय पहचान के साथ अवैध रूप से रह रहे हैं।

इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी को पहाड़गंज इलाके से पकड़ा। पुलिस ने कहा, "जांच में पता चला कि आरोपी अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था और अपनी असली पहचान और नागरिकता छिपाकर धोखाधड़ी से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता और अन्य पहचान दस्तावेज हासिल किए थे।"

जांच के दौरान पुलिस ने दस्तावेजी, डिजिटल और तकनीकी सबूत जुटाए, जिनमें पासपोर्ट और इमिग्रेशन रिकॉर्ड, जाली पहचान दस्तावेज और अन्य सहायक सामग्री शामिल थी। इनसे आरोपी की असली पहचान और देश में उसके अवैध रूप से रहने की पुष्टि हुई।

पुलिस ने कहा, "जांच में उस तरीके का भी पता चला जिसे अपनाकर आरोपी ने फर्जी जानकारी के आधार पर असली भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल किए थे।"

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान जुटाए गए सबूत इतने मजबूत थे कि आरोपी ने अभियोजन पक्ष के मामले का विरोध नहीं किया। इसके बजाय, यह महसूस करने के बाद कि उसके खिलाफ सबूत बहुत मजबूत हैं, उसने स्वेच्छा से अदालत के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

अदालत ने उसकी दलील स्वीकार करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और उसे उतनी ही अवधि के लिए जेल की सजा सुनाई जितनी वह पहले ही काट चुका था। अदालत ने फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) को दोषी को डिटेंशन सेंटर में रखने और उसे बांग्लादेश वापस भेजने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश भी दिया।

पुलिस ने कहा कि तकनीकी निगरानी और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर की गई गहन जांच के बाद यह सजा सुनिश्चित हुई, जिससे कानून के अनुसार अवैध विदेशी नागरिक के खिलाफ सफल अभियोजन और निर्वासन की कार्यवाही पूरी हुई।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम