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ओडिशा: मैट्रिमोनियल ऐप पर खुद को अधिकारी बताकर महिला से 15 लाख रुपए की ठगी, साइबर ठग गिरफ्तार

 

भुवनेश्वर, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा के पुरी जिले की पुलिस ने एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक महिला से 15 लाख रुपए से अधिक की ठगी करने का आरोप है। आरोपी ने कथित तौर पर मैट्रिमोनियल ऐप पर खुद को छत्तीसगढ़ सरकार में अतिरिक्त सचिव स्तर का अधिकारी बताकर महिला को अपने जाल में फंसाया था।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान बलभद्र प्रसाद मिश्रा (44) के रूप में हुई है। वह ओडिशा के अंगुल जिले के मटियासाही इलाके का रहने वाला है। आरोप है कि उसने भारत मैट्रिमोनी ऐप पर प्रोफाइल बनाकर एक नर्स से संपर्क किया और खुद को छत्तीसगढ़ सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताया। धीरे-धीरे उसने महिला के साथ करीबी संबंध भी बना लिए।

पुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रतीक सिंह ने बताया कि पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर 13 अक्टूबर को साइबर क्राइम एवं आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन, पुरी में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने महिला की बहन को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे पैसे लिए। जब महिला को उस पर शक होने लगा तो उसने कथित तौर पर उसे केबीके क्षेत्र में तबादला कराने की धमकी भी दी।

एसपी ने बताया कि आरोपी ने महिला पर दबाव डालकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक में तीन बैंक खाते खुलवाए।

कुछ समय बाद महिला को पता चला कि उसके नाम पर इन खातों के माध्यम से 13 लाख रुपए से अधिक के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। आरोप है कि यह पूरी राशि आरोपी ने निकालकर अपने इस्तेमाल में ले ली। मामले का खुलासा होने के बाद महिला ने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने ठगी के पैसों से एक टोयोटा कार खरीदी और आलीशान जीवनशैली अपनाई। वह महंगे होटलों में ठहरता था और हवाई यात्राएं भी करता था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 14 बैंक पासबुक, 9 चेकबुक, 17 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 6 मोबाइल फोन तथा 10 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं।

पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से संबलपुर, शहीद नगर, एयरपोर्ट और लिंगराज थाना क्षेत्रों में धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले दर्ज हैं।

एसपी प्रतीक सिंह के अनुसार, आगे की जांच में पता चला है कि आरोपी के 12 बैंक खाते विभिन्न राज्यों में फ्रीज किए जा चुके हैं। इससे आशंका है कि वह अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह चला रहा था।

उन्होंने कहा कि पुलिस अन्य राज्यों के साथ समन्वय कर जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि आरोपी ने कितनी महिलाओं और लोगों को ठगी का शिकार बनाया है, उसकी गतिविधियां किन-किन राज्यों तक फैली हुई थीं और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी