केरल सरकार ने पीएससी नियुक्तियों का मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा, और भी नियुक्तियों की होगी जांच
तिरुवनंतपुरम, 8 जुलाई (आईएएनएस)। केरल कैबिनेट ने बुधवार को पब्लिक सर्विस कमीशन (पीएससी) भर्ती विवाद की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने का फैसला किया है। क्राइम ब्रांच न सिर्फ हाल ही में सामने आए मूल्यांकन की जांच करेगी, बल्कि जिन नियुक्तियों पर शक जताया जा रहा है उनकी भी जांच करेगी। इसमें केरल एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (केएएस), स्टेट प्लानिंग बोर्ड और अन्य भर्तियां शामिल हैं।
इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि जांच में कथित अनियमितताओं से जुड़ी घटनाओं के पूरे क्रम की पड़ताल की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि क्या भर्ती प्रक्रिया में कोई हेराफेरी हुई थी। उन्होंने कहा कि जांच में इंटरव्यू प्रक्रिया से जुड़ी अस्पष्टता की भी पड़ताल की जाएगी।
वायनाड भूस्खलन त्रासदी को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित इलाके के ऊपर एक और भूस्खलन हुआ है, जिससे चिंता और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि आपदा की परिस्थितियों की व्यापक तकनीकी-कानूनी जांच की जाएगी, जिसमें यह भी शामिल होगा कि क्या केंद्र द्वारा इलाके में गतिविधियों के लिए दी गई पर्यावरण मंज़ूरी से जुड़ी शर्तों और दिशानिर्देशों का ठीक से पालन किया गया था।
वित्त, बंदरगाह और कानून विभाग अपने पास रखने के फ़ैसले पर सीपीआई (एम) नेताओं की आलोचना का जवाब देते हुए, मुख्यमंत्री सतीशन ने इस आरोप को खारिज कर दिया कि उन्होंने अहम विभाग अपने पास रखे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असल में वह वित्त विभाग अपने पास नहीं रखना चाहते थे और उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों को यह बात बता भी दी थी। उन्होंने कहा, "मेरी वित्त विभाग अपने पास रखने में कोई दिलचस्पी नहीं थी। मैंने अपने सहयोगियों के ज़ोर देने पर ही यह जिम्मेदारी स्वीकार की।"
--आईएएनएस
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