पांच राज्यों की सात सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती आज
नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। पांच राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे सोमवार घोषित किए जा रहे हैं। सोमवार को वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो रही है। इन उपचुनावों को राजनीतिक दलों के लिए काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इनके नतीजे भविष्य की रणनीतियों पर असर डाल सकते हैं।
ये उपचुनाव 9 अप्रैल और 23 अप्रैल को गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की अलग-अलग सीटों पर कराए गए थे। इन सीटों पर चुनाव इसलिए कराने पड़े क्योंकि संबंधित विधायकों का निधन हो गया था, जिससे ये सीटें खाली हो गई थीं।
महाराष्ट्र की बारामती सीट सबसे ज्यादा चर्चा में है। पुणे जिले की यह सीट पवार परिवार का गढ़ मानी जाती है। यहां उपचुनाव अजित पवार के 28 जनवरी को विमान हादसे में निधन के बाद कराया गया। इस सीट से उनकी पत्नी और एनसीपी नेता व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल बन गया है।
कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण सीटों पर उपचुनाव हुए। ये सीटें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एच वाई मेटी और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद खाली हुई थीं। यहां सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। भाजपा ने बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी दासकारियप्पा को उतारा है, जबकि कांग्रेस ने क्रमशः उमेश मेटी और समर्थ मल्लिकार्जुन को उम्मीदवार बनाया है।
गुजरात की उमरेठ सीट पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। यह सीट भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन के बाद खाली हुई थी। यहां भाजपा ने उनके बेटे हर्षद परमार को टिकट दिया है, जिनका मुकाबला कांग्रेस के भृगुराजसिंह चौहान सहित अन्य उम्मीदवारों से है।
नागालैंड की कोरिडांग सीट पर छह उम्मीदवार मैदान में हैं। यह सीट भाजपा विधायक इमकोंग एल इमचेन के निधन के बाद खाली हुई थी। भाजपा ने दाओचियर आई इमचेन को उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन भी मिला है।
त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर भाजपा, कांग्रेस और वाम मोर्चा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। यह सीट विधानसभा अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद खाली हुई थी।
वहीं, गोवा की पोंडा सीट पर होने वाला उपचुनाव मतदान से कुछ घंटे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया।
--आईएएनएस
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