पश्चिम बंगाल: 2022 में कांग्रेस पार्षद तपन कांडू की हत्या के आरोपी की अस्पताल में मौत
कोलकाता, 4 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले की झालदा नगरपालिका के कांग्रेस पार्षद तपन कांडू की 2022 में हुई हत्या के आरोपी कॉन्ट्रैक्ट किलर की पुरुलिया सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को जानकारी साझा की।
आरोपी कालेबर सिंह (58) अप्रैल 2022 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही न्यायिक हिरासत में था।
मंगलवार सुबह मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जांच रिपोर्ट तैयार की गई। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा और इसके बाद परिवार को सौंप दिया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, कालेबर सिंह अप्रैल 2022 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से पुरुलिया जिला सुधार गृह में बंद था। वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहा था। उसे पिछले लगभग चार महीनों से पुरुलिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
कालेबर की पत्नी प्रतिमा देवी ने कहा, "मेरे पति लंबे समय से बीमार थे। उन्हें इलाज के लिए कई अस्पतालों में ले जाया गया। हमने अदालत में जमानत के लिए अर्जी दी थी, लेकिन वह मंजूर नहीं हुई। मुझे नहीं पता कि मेरे पति ने हत्या की थी या नहीं, लेकिन मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है।"
13 मार्च 2022 को तपन कांडू की हत्या ने पश्चिम बंगाल में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। यह हत्या झालदा नगरपालिका चुनावों में त्रिशंकु जनादेश के ठीक बाद हुई थी, जहां 12 सदस्यीय निकाय में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने पांच-पांच सीटें जीती थी। स्थिति तब राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गई जब एक निर्दलीय पार्षद ने कांग्रेस को समर्थन दिया, जिससे पार्टी के लिए नगरपालिका बोर्ड बनाने की संभावना बन गई।
कांडू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह दोस्तों के साथ सुबह की सैर पर निकले थे। मामले की शुरुआती जांच राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने की थी, जिसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर इसे सीबीआई को सौंप दिया गया।
जून 2022 में दायर अपनी चार्जशीट में, सीबीआई ने पांच आरोपियों दीपक कांडू, कालेबर सिंह, नरेन कांदू, मोहम्मद आशिक और सत्यवान प्रमाणिक के नाम शामिल किए थे। इनमें से दो आरोपियों की कार्यवाही के दौरान मौत हो चुकी है। सत्यवान प्रमाणिक की नवंबर 2023 में बीमारी के कारण मौत हो गई थी, जबकि कालेबर सिंह इस मामले में मुकदमे के समापन से पहले मरने वाले दूसरे आरोपी बने। नरेन कांडू और दीपक कांडू फिलहाल कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत पर बाहर हैं।
--आईएएनएस
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