फर्जी खबरों के जरिए भाजपा को कमजोर करने की साजिश, नहीं होंगे कामयाब: राजीव चंद्रशेखर
तिरुवनंतपुरम, 11 अगस्त (आईएएनएस)। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को कहा कि पार्टी की राज्य कोर कमेटी की बैठक को लेकर मीडिया में प्रकाशित खबरें पूरी तरह झूठी और तथ्यों से परे हैं। भाजपा की राज्य कोर कमेटी की बैठक सोमवार को हुई थी।
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा उन कोशिशों का कड़ा विरोध करती है, जिनमें कुछ पत्रकार कोर कमेटी में कभी न हुई घटनाओं को काल्पनिक रूप से पेश कर सनसनीखेज खबरें बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व ने राज्य महासचिव एडवोकेट एस. सुरेश पर पूरा भरोसा जताया है। चंद्रशेखर ने कहा कि कोर कमेटी की बैठक में एस. सुरेश की आलोचना किए जाने की खबरें पूरी तरह गलत हैं।
नेमोम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले चंद्रशेखर ने विश्वास जताया कि भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक ऐसे झूठे प्रचार के झांसे में नहीं आएंगे, जिसे कथित रूप से कुछ स्वार्थी तत्व फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोगों का उद्देश्य जनता के बीच पार्टी की छवि खराब करना है, तो उनकी यह कोशिश सफल नहीं होगी।
चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी कई बार मीडिया को स्पष्ट कर चुकी है कि विधानसभा चुनाव से जुड़े मामले में कोई अनियमितता नहीं हुई है। इसके बावजूद, ऐसी चर्चाओं के होने का दावा करना, जो वास्तव में कभी हुई ही नहीं, पत्रकारिता की नैतिकता के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक सदी से अधिक समय से जनता का विश्वास हासिल करने वाले मीडिया संस्थान भी बिना एक प्रतिशत तथ्यात्मक आधार के उन घटनाओं पर खबरें प्रकाशित कर रहे हैं, जो कभी हुई ही नहीं।" राजीव चंद्रशेखर ने भाजपा के आंतरिक मामलों में मीडिया की अत्यधिक रुचि पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, "जो लोग देश और समाज को सीधे प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दों पर चुप रहते हैं, राष्ट्रविरोधी रुख अपनाने वाली राजनीतिक ताकतों पर प्रतिक्रिया देने से बचते हैं और 'वंदे मातरम्' गाने तक को लेकर हिचकिचाने वाली सरकार पर भी कुछ नहीं कहते, उनका भाजपा के आंतरिक मामलों में इतना अधिक उत्साह और रुचि दिखाना स्वस्थ परंपरा नहीं है।"
उन्होंने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि उसकी जिम्मेदारी समाज और तथ्यों, दोनों के प्रति है। चंद्रशेखर ने कहा कि निराधार खबरों को जरूरत से ज्यादा महत्व देना और समाज को प्रभावित करने वाले वास्तविक मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान न देना न केवल मीडिया की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि समाज के लिए भी हानिकारक होगा।
उन्होंने कहा, "एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच करें। विवाद खड़ा करने से पहले सच को जानने की कोशिश करें। पत्रकारिता की नैतिकता को राजनीतिक हितों से ऊपर रखा जाना चाहिए।"
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता बनाए रखना केवल मीडिया की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति की भी जिम्मेदारी है।
--आईएएनएस
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