'वोट चोरी' और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर जयपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन
जयपुर, 28 सितंबर (आईएएनएस)। 'वोट चोरी' और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जयपुर में सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने किया। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी और एआईसीसी महासचिव एवं राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर जनसभा से हुई। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र और राजस्थान की सरकारों पर निशाना साधा।
जनसभा के बाद सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़े। हालांकि, पुलिस ने रास्ते में ही बैरिकेड लगाकर और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर मार्च को रोक दिया।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ने और धक्का-मुक्की होने के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियां थीं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर मतदाता सूचियों में हेरफेर किया गया है। उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग से जवाबदेही तय करने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सभा को संबोधित किया और चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए। गहलोत ने दावा किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान करोड़ों नाम हटा दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई प्रमुख नेताओं के घरों पर नोटिस भेजे गए।
गहलोत ने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ इस प्रदर्शन को लोकतंत्र से जुड़ी बड़ी लड़ाई बताया।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे को राज्य के घर-घर तक पहुंचाने की अपील की। साथ ही आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
मुख्य कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। बताया गया कि मंच के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। नेताओं के बीच तीखी बहस के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन और चुनाव अधिकारी के कार्यालय के घेराव की योजना को देखते हुए जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने शहीद स्मारक से निर्वाचन कार्यालय तक के रास्ते पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया था।
राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी के जवानों को भी प्रमुख स्थानों और मुख्य सड़कों पर तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों को निर्वाचन कार्यालय तक पहुंचने से रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे।
--आईएएनएस
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