कैलारस शुगर मिल से जुड़े सवालों को खारिज किए जाने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायकों का विरोध प्रदर्शन
भोपाल, 20 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा सचिवालय ने बिना किसी कारण के कैलारस शुगर मिल से जुड़े मुद्दों को सवाल के जरिए उठाने की उनकी बार-बार की कोशिश खारिज कर दी।
बाद में कई कांग्रेस विधायक उपाध्याय के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए।
मुरैना जिले के जौरा से विधायक उपाध्याय मानसून सत्र के पहले दिन महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरने पर बैठे और मांग की कि विधानसभा सचिवालय उनके सवालों को खारिज करने का कारण बताए।
उपाध्याय ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले कुछ सत्रों में कैलारस शुगर मिल पर पांच बार सवाल जमा किए थे, जिनमें 'दिसंबर 2025 का सत्र, मार्च-अप्रैल 2026 का सत्र, 17 फरवरी 2026 के लिए सूचीबद्ध प्रश्न संख्या 210 और मौजूदा सत्र के लिए सूचीबद्ध प्रश्न संख्या 260' शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी सवालों को बिना कोई कारण बताए खारिज कर दिया गया।
उपाध्याय ने कहा, "मैंने कैलारस शुगर मिल से जुड़े जनहित के मुद्दे को उठाने की बार-बार कोशिश की है, लेकिन हर सवाल खारिज कर दिया गया। विधानसभा अधिकारियों से संपर्क करने के बाद भी मुझे उन्हें खारिज करने के आधार के बारे में नहीं बताया गया है।"
उन्होंने कहा कि स्पष्टीकरण मांगने के लिए वे दिन में विधानसभा के प्रधान सचिव से मिले थे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उन्होंने कहा, "मेरा एक निर्वाचित विधायक के तौर पर लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाना संवैधानिक अधिकार है। अगर जनहित से जुड़े सवालों को बिना स्पष्टीकरण के खारिज कर दिया जाता है, तो यह विधायकों के अधिकारों और विशेषाधिकारों से इनकार करने जैसा है और लोकतांत्रिक कामकाज को कमजोर करता है।"
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने भी विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि कैलारस शुगर मिल का मुद्दा बड़ी संख्या में किसानों और मजदूरों की आजीविका से सीधे जुड़ा है।
कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने कहा, "शुगर मिल किसानों और मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। अगर विधायकों को विधानसभा में ऐसे मुद्दों को उठाने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर विधानसभा सचिवालय के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं। कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने कहा, "अगर चुने हुए प्रतिनिधियों के अधिकारों को नजरअंदाज किया जाता रहा, तो कांग्रेस विधायक दल लोकतांत्रिक तरीकों से अपना विरोध तेज करने के लिए मजबूर होगा।"
--आईएएनएस
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