×

मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस ने उठाया महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा, प्रशासनिक लापरवाही का आरोप

 

भोपाल, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने सोमवार को राज्य विधानसभा के एक विशेष एक दिवसीय सत्र के दौरान भाजपा के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, प्रशासन की निष्क्रियता और चुने हुए प्रतिनिधियों के सामने आने वाली चुनौतियों से जुड़े मुद्दे उठाए।

सदन में मुंजारे ने बालाघाट शहर में चल रहे एक विरोध प्रदर्शन की ओर ध्यान दिलाया, जहां हनुमान चौक स्थित एक प्राचीन दुर्गा मंदिर के पास शराब की दुकान चलाए जाने के विरोध में महिलाएं पिछले लगभग 20 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं।

कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद जिला प्रशासन स्थानीय निवासियों की चिंताओं का कोई समाधान नहीं कर पाया है।

उन्होंने कहा, “महिलाएं पिछले 20 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं, फिर भी प्रशासन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। अगर हमारी माताएं और बहनें सुरक्षित नहीं हैं, तो ‘नारी शक्ति’ का नारा बेमानी हो जाता है।”

इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कांग्रेस विधायक ने एक निजी मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने कहा कि उनके निजी सहायक (पीए) को बिना किसी स्पष्टीकरण के हटा दिया गया है। मुंजारे ने सदन को बताया, "पिछले छह महीनों से मेरे पास कोई पीए नहीं है। मैंने हर स्तर पर इस मामले को बार-बार उठाया है, लेकिन मेरी चिंताओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।”

उन्होंने कहा कि यह स्थिति एक व्यापक पैटर्न को दर्शाती है, जहां चुने हुए प्रतिनिधियों को भी बुनियादी सहयोग से वंचित रखा जाता है। उन्होंने कहा, “अगर एक विधायक की बात नहीं सुनी जा रही है, तो कोई भी आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगा सकता है।”

मुंजारे ने कहा, “महिलाओं को सशक्त बनाने की बातें तो लगातार होती रहती हैं, लेकिन महिलाओं को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है—चाहे वे जन-प्रतिनिधि हों या आम नागरिक—उन्हें जमीनी स्तर पर नजरअंदाज किया जा रहा है।”

कांग्रेस विधायक ने सदन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर बोलते हुए कहा कि कांग्रेस संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का समर्थन करती है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश की है।

उन्होंने कहा, “एक झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि विपक्ष इसके लागू होने में बाधा डाल रहा है। संसदीय कार्यवाही के दौरान परिसीमन सहित संबंधित उपायों को आगे बढ़ाने के प्रयास किए गए, जिसका हमने विरोध किया था।”

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी