केरल में कांग्रेस नेताओं को सार्वजनिक रूप से अपनी शिकायतें जाहिर न करने का निर्देश
कन्नूर, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस की केरल इकाई के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सोमवार को पार्टी नेताओं को सार्वजनिक रूप से अपने मतभेदों को जाहिर न करने की चेतावनी दी। वीडी सतीशन सरकार द्वारा सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले के संचालन को लेकर मतभेद सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर तनाव को और बढ़ा रहे हैं।
राज्य के ऊर्जा मंत्री भी रहे जोसेफ ने कन्नूर में मीडिया से कहा कि कांग्रेस नेताओं को ऐसे सार्वजनिक बयान नहीं देने चाहिए जिनसे पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हों। वे पार्टी के मंचों पर अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह चेतावनी सभी पर लागू होती है।
उन्होंने कहा कि उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि कुछ नेताओं ने सीमा पार कर दी थीं और उन्होंने उनसे विवादास्पद टिप्पणियों से बचने का आग्रह किया।
यह चेतावनी केरल में गुटों में बंटी कांग्रेस के लिए एक जानी-पहचानी समस्या के बीच आई है, जहां आंतरिक मतभेद बार-बार सार्वजनिक रूप से सामने आते रहे हैं।
मतभेदों के इस नवीनतम दौर ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में सरकार को कैसे आगे बढ़ना चाहिए, इस पर नेतृत्व के भीतर परस्पर विरोधी विचारों को उजागर कर दिया है।
यह मामला कोच्चि स्थित कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की पुत्री टी. वीना की स्वामित्व वाली अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक को कथित भुगतानों से संबंधित है।
सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (वीएसीबी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अलग-अलग कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में विजयन को प्रथम आरोपी और वीना को द्वितीय आरोपी बनाया गया है।
संबंधित पक्षों ने इन आरोपों का खंडन किया है।
मुख्यमंत्री सतीशन के इस मामले से निपटने के तरीके की कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनादन ने आलोचना की है और विजयन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सरकार द्वारा कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के आग्रह ने पार्टी के भीतर मतभेद पैदा कर दिया है, क्योंकि नेता कार्रवाई की गति और तरीके को लेकर अलग-अलग राय रखते हैं।
यह असंतोष केवल इसी मामले तक सीमित नहीं है।
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश ने हाल ही में सतीशन पर उनसे सलाह लिए बिना महत्वपूर्ण निर्णय लेने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें अंधेरे में रखा गया था।
इसके बाद उन्होंने इस मुद्दे को कांग्रेस हाई कमान के समक्ष उठाया।
सीएमआरएल मामले पर, जोसेफ ने सरकार के रुख का बचाव करते हुए उसके फैसलों को व्यावहारिक और परिपक्व बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को दबाने के इरादे से कोई कार्रवाई नहीं की थी और तर्क दिया कि सीपीआई-एम अपने रुख को लेकर दुविधा में फंस गई थी।
कांग्रेस नेतृत्व के सामने अब चुनौती यह है कि आंतरिक मतभेद सरकार के एजेंडे और इस मामले में जवाबदेही की पार्टी की अपनी मांग पर हावी न होने दें।
--आईएएनएस
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