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कर्नाटक : कांग्रेस एमएलसी की 'गृह लक्ष्मी' स्कीम को रोकने की मांग से राजनीतिक विवाद, भाजपा ने सरकार को घेरा

 

बेंगलुरु, 24 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद में कांग्रेस एमएलसी थिप्पन्ना कामाकानूर की ओर से 'गृह लक्ष्मी' गारंटी स्कीम को एक साल के लिए रोकने और सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की मांग ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

इससे राज्य की गारंटी स्कीमों को जारी रखने को लेकर सरकार के भीतर मतभेद सामने आ गए हैं।

कामाकानूर के बयानों की भाजपा ने कड़ी आलोचना की है। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने गुरुवार को सरकार पर गारंटी स्कीमों के मामले में वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया।

अशोक ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी के एमएलसी के बयानों से 'गृह लक्ष्मी' स्कीम को लागू करने में कमियां उजागर हुई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे लाभार्थियों को पैसे बांटे जा रहे हैं, जो अब जीवित नहीं हैं।

अशोक ने एक बयान में आरोप लगाया, "कांग्रेस ने खुद अपनी गारंटी वाली धोखाधड़ी का पर्दाफाश कर दिया है। पैसे मृत लोगों के खातों में जा रहे हैं, जबकि विकास कार्य ठप पड़े हैं।"

भाजपा नेता ने दावा किया कि कामाकानूर की ओर से इस योजना को एक साल के लिए रोकने की मांग से पता चलता है कि सरकार की आर्थिक स्थिति को लेकर खुद सत्ताधारी पार्टी के भीतर भी चिंताएं हैं।

अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि फंड की कमी के कारण कई बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट रुके हुए हैं और उन्होंने इसे सरकार की गारंटी योजनाओं पर होने वाले खर्च से जोड़ा।

उन्होंने मेकेदातु, अपर कृष्णा प्रोजेक्ट फेज-3, कलासा बंदूरी, अपर भद्रा, नवाली बैलेंसिंग रिजर्वायर और येत्तिनाहोले जैसे प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया, जिन्हें उनके अनुसार ज्यादा प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत थी।

अशोक ने आगे आरोप लगाया कि गारंटी योजनाओं पर राज्य सरकार के खर्च का असर विकास और सिंचाई परियोजनाओं के लिए मिलने वाली फंडिंग पर पड़ा है। उन्होंने 'गृह लक्ष्मी' योजना को लागू करने के तरीके पर भी सरकार से सवाल किए।

भाजपा नेता ने इस घटनाक्रम को सत्ताधारी पार्टी के भीतर सूखे से निपटने के तरीके और कामकाज को लेकर हाल ही में हुई आलोचना से भी जोड़ा। उन्होंने इंदी के विधायक यशवंतरायगौड़ा पाटिल के इस्तीफे का जिक्र किया, जिन्होंने अपने तालुका को सूखा-प्रभावित इलाकों की सूची में शामिल न किए जाने के कारण इस्तीफा दिया था।

अशोक ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं से पता चलता है कि सरकार द्वारा वित्तीय और विकास से जुड़े मुद्दों को संभालने के तरीके को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।

गौरतलब है कि 'गृह लक्ष्मी' योजना कांग्रेस सरकार के पांच गारंटी कार्यक्रमों में से एक है। इसके तहत, परिवार की पात्र महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपए दिए जाते हैं।

बुधवार को विधान परिषद में चर्चा के दौरान कामाकानूर ने मांग की थी कि एक साल तक सिंचाई के कामों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य को सूखे से निपटने में मदद करने के लिए कई अहम प्रोजेक्ट्स को पूरा करना जरूरी है।

उन्होंने खास तौर पर मेकेदातु बैलेंसिंग रिजवॉयर, अपर कृष्णा प्रोजेक्ट फेज-3, कलासा बंदूरी, अपर भद्रा प्रोजेक्ट, नवाली बैलेंसिंग रिजर्वोयर प्रोजेक्ट और येत्तिनाहोले प्रोजेक्ट का जिक्र किया।

कामाकानूर ने कहा, "एक साल तक सिंचाई के कामों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता मिलनी चाहिए। एक साल के लिए सभी डेवलपमेंट के काम रोक दिए जाने चाहिए, अलग-अलग चीजें और जो 2,000 रुपए दिए जा रहे हैं, उन्हें भी बंद कर देना चाहिए।"

उन्होंने 'गृह लक्ष्मी योजना' के तहत घर की महिला मुखियाओं को दी जाने वाली 2,000 रुपए की मासिक सहायता का जिक्र करते हुए यह बात कही।

--आईएएनएस

एएसएच/