'हटाए गए लोग घुसपैठिए तो क्यों लगाए विशेष शिविर', विपक्ष को 'अराजकतावादी' बताने पर चिदंबरम का नितिन नवीन को जवाब
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन की टिप्पणी पर पलटवार किया है। नितिन नवीन ने विपक्ष पर 'अराजकतावादी' होने का आरोप लगाया था।
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "नितिन नवीन ने कहा कि विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी घुसपैठियों की वकालत कर रहे हैं। अगर मतदाता सूची से हटाए गए नाम 'घुसपैठियों' के थे, तो चुनाव आयोग 'छूट गए' नामों को फिर से जोड़ने के लिए विशेष शिविर क्यों लगा रहा है?"
उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस, 'इंडिया' गठबंधन की पार्टियों और दूसरे युवा व छात्र समूहों के विरोध के कारण राज्य के सीईओ को बोलना पड़ा, चुनाव आयोग से सवाल करने पड़े और 'छूट गए' मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने के लिए विशेष शिविर लगाने पड़े। भले ही आयोग ने देर से ही सही (मुख्य चुनाव आयुक्त से असहमत दो चुनाव आयुक्तों की वजह से) यह माना हो कि असली नागरिकों के साथ बहुत अन्याय हुआ है, फिर भी भादपा ऐसी बात का बचाव कर रही है, जिसका बचाव नहीं किया जा सकता।"
इससे पहले, वाराणसी में 'सेवा संकल्प अभियान' के समापन के दौरान बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि एलओपी राहुल गांधी 'घुसपैठियों' के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर लोगों में भ्रम फैलाने के लिए 'अराजकतावादी मानसिकता' के साथ काम करने का आरोप लगाया।
उन्होंने अपने बयान में कहा, " ये (राहुल गांधी और विपक्ष) अराजकतावादी मानसिकता के लोग हैं, जिन्हें केवल समाज में विष घोलना आता है। अगर ऐसा ही था, तो केरल में भी चुनाव इसी चुनाव आयोग ने कराया था। तमिलनाडु में, जहां ये पीछे से सत्ता में पहुंचे हैं, वहां का चुनाव भी इसी चुनाव आयोग ने कराया था।"
नितिन नवीन ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है, तो राहुल गांधी को पहले अपना इस्तीफा देना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार का खेल ये (राहुल गांधी और विपक्ष) खेल रहे हैं, वो देश की जनता देख रही है।
--आईएएनएस
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