तटरक्षक बल ने आंध्र तट के पास फंसे मालवाहक जहाज के चालक दल को बचाने के लिए शुरू किया अभियान
विशाखापत्तनम, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट के पास रवा ऑयलफील्ड के निकट फंसे एक मालवाहक जहाज (बल्क कैरियर) के चालक दल को बचाने के लिए एक अभियान शुरू किया। यह जहाज सिंगापुर जा रहा था।
मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला यह मालवाहक जहाज, 'सिग्मा पर्ल', केजी बेसिन में रवा ऑयलफील्ड से गुजरते समय इंजन खराब हो जाने के कारण फंस गया था। माना जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी में आए भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर के कारण इस मालवाहक जहाज का इंजन खराब हो गया।
भारतीय तटरक्षक बल ने चालक दल के सदस्यों को बचाने के लिए अपने अभियान के तहत एक हेलीकॉप्टर और एक जहाज तैनात किया। बचाव कार्य के लिए कोस्ट गार्ड के जवान पश्चिमी गोदावरी जिले के मोगलथुर गांव में स्थित हेलीपैड का इस्तेमाल कर रहे थे। तटरक्षक बल का अपतटीय गश्ती जहाज सुजय भी फंसे हुए जहाज की ओर भेजा गया।
विशाखापत्तनम बंदरगाह पर अपना सामान उतारने के बाद सिंगापुर लौट रहे इस जहाज का इंजन खराब हो गया था। इस जहाज पर चालक दल के छह सदस्य सवार थे। यह जहाज 27 अक्टूबर को रात लगभग 12.17 बजे विशाखापत्तनम बंदरगाह से रवाना हुआ था। उस समय चक्रवाती तूफान 'अर्नब' यानम की ओर बढ़ रहा था और 28 अक्टूबर की तड़के तट से टकराने वाला था।
जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले 'मरीन ट्रैफिक' पोर्टल पर दो दिन पहले इस जहाज की स्थिति 'वेसल आउट ऑफ रेंज' दिखाई गई थी। इसकी आखिरी दर्ज की गई गतिविधि इसके तय रास्ते पर ही थी।
इस बीच, पश्चिमी गोदावरी जिले के स्थानीय प्रशासन ने बचाव अभियान में भारतीय तटरक्षक बल को हर संभव मदद मुहैया कराई।
28 अक्टूबर की तड़के बहुत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इस दौरान हवा की गति 125-135 किमी प्रति घंटा थी, और हवा के झोंके 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रहे थे।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का प्रभाव सुबह 8 बजे तक, यानी छह घंटे तक जारी रहा। तट को पार करने के बाद यह तूफान कमजोर पड़ा, लेकिन चक्रवात ने चार लोगों की जान ले ली। तटीय जिलों में इसने भारी तबाही मचाई, हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखाड़ दिए, और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
--आईएएनएस
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