बिजली क्षेत्र को कोयला आपूर्ति में तेज सुधार, चार दिनों में 74 रैक प्रतिदिन की हुई बढ़ोतरी: सरकार
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। सरकार ने सोमवार को कहा कि बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। पिछले चार दिनों में कोयला लोडिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो देश में बिजली उत्पादन की जरूरतों को पूरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।
कोयला मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 3 सितंबर को बिजली क्षेत्र के लिए 370 रैक प्रतिदिन कोयला भेजा जा रहा था, जो बढ़कर 6 सितंबर को 444 रैक प्रतिदिन पहुंच गया। इस प्रकार चार दिनों में 74 रैक प्रतिदिन की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई। केवल 6 सितंबर को ही पिछले दिन की तुलना में 31 रैक की बढ़ोतरी हुई।
मंत्रालय ने कहा कि पिछले चार दिनों से कोयला लोडिंग में लगातार बढ़ोतरी का रुझान बना हुआ है। यह कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), उसकी सहायक कंपनियों, सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) और कैप्टिव कोयला खदान संचालकों द्वारा बिजली क्षेत्र को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
6 सितंबर को लगभग सभी प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनियों ने अपनी लोडिंग क्षमता में सुधार दर्ज किया। महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने सबसे अधिक प्रगति करते हुए एक ही दिन में 12 रैक की वृद्धि दर्ज की और इसकी लोडिंग 111 रैक प्रतिदिन तक पहुंच गई।
इसी तरह, कैप्टिव कोल ब्लॉकों की लोडिंग में 6 रैक की वृद्धि होकर यह 72 रैक प्रतिदिन हो गई। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने भी 8 रैक की बढ़ोतरी के साथ अपनी लोडिंग 25 रैक प्रतिदिन तक पहुंचाई।
नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की लोडिंग 3 रैक बढ़कर 35 रैक प्रतिदिन हो गई, जबकि प्राइवेट वॉशरी एवं गुड्स शेड्स की लोडिंग भी 3 रैक बढ़कर 42 रैक प्रतिदिन पहुंच गई। इसके अलावा सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने क्रमशः 2 और 1 रैक की वृद्धि दर्ज की, जिससे उनकी लोडिंग बढ़कर 36 और 46 रैक प्रतिदिन हो गई।
वहीं ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) ने क्रमशः 23 और 29 रैक प्रतिदिन के अपने पिछले लोडिंग स्तर को बनाए रखा।
इन सुधारों के परिणामस्वरूप, सीआईएल साइडिंग्स से कुल कोयला लोडिंग 305 रैक प्रतिदिन तक पहुंच गई, जो पिछले दिन की तुलना में 26 रैक अधिक है।
कोयला मंत्रालय ने यह भी बताया कि उन ताप विद्युत संयंत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जहां कोयला भंडार निर्धारित आवश्यकता के 25 प्रतिशत से कम है और जिन्हें "क्रिटिकल" श्रेणी में रखा गया है। ऐसे संयंत्रों की स्थिति सुधारने के लिए अतिरिक्त कोयला आपूर्ति सहित कई सुधारात्मक कदम पहले से लागू किए जा चुके हैं।
बयान में आगे कहा गया है कि कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया लिमिटेड बिजली क्षेत्र की मांग के अनुरूप कोयले की आपूर्ति बनाए रखने और रैक लोडिंग में जारी सुधार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में बिजली उत्पादन पर कोयले की उपलब्धता का कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
--आईएएनएस
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