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तमिलनाडु: सीएम स्टालिन ने केंद्र के जाति-आधारित जनगणना कराने के फैसले का किया स्वागत

 

चेन्नई, 10 जनवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आगामी राष्ट्रीय जनसंख्या जनगणना के साथ-साथ जाति आधारित जनगणना कराने के केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।

उन्‍होंने मुख्यमंत्रियों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक उच्च स्तरीय सलाहकार परिषद के गठन का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने शनिवार को लिखे अपने पत्र में कहा कि राष्ट्रीय जनगणना के साथ जाति जनगणना को शामिल करने का निर्णय व्यापक और विश्वसनीय डाटा उत्पन्न करने में मदद करेगा। यह सामाजिक असमानताओं को दूर करने और सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि कल्याणकारी योजनाएं अपने लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचें।

उन्होंने इस कदम को तमिलनाडु की लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुरूप बताया और कहा कि राज्य ने विधानसभा में पहले ही प्रस्ताव पारित कर केंद्र से जनसंख्या जनगणना के साथ-साथ जाति आधारित जनगणना कराने का आग्रह किया था।

सीएम स्‍टालिन ने कहा कि केंद्र के इस फैसले से साक्ष्य आधारित सामाजिक न्याय और नीति निर्माण के प्रति तमिलनाडु की प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है।

हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि विभिन्न राज्यों में व्याप्त गहरी सामाजिक गतिशीलता और जाति संरचनाओं को देखते हुए जाति जनगणना एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है। उन्होंने आगाह किया कि यदि इसे सावधानीपूर्वक नहीं संभाला गया तो यह प्रक्रिया अनपेक्षित सामाजिक तनावों को जन्म दे सकती है।

स्टालिन ने कहा कि जनगणना पर जनता का भरोसा इसकी स्पष्टता और सटीकता पर निर्भर करेगा, जिसमें प्रश्नों का निर्धारण, श्रेणियों और उप-श्रेणियों का वर्गीकरण और डाटा संग्रह की पद्धति शामिल है।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अस्पष्टता, अशुद्धि या अनिश्चितता विवादों और आंकड़ों की भिन्न-भिन्न व्याख्याओं का कारण बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना एक केंद्रीय विषय है और इसके परिणाम शिक्षा, रोजगार, आरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं जैसे क्षेत्रों में राज्य स्तरीय नीतियों के लिए दूरगामी प्रभाव डालेंगे। उन्होंने प्रश्नावली और प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने से पहले सभी राज्यों के साथ व्यापक परामर्श की आवश्यकता पर बल दिया।

सीएम ने कहा कि इस तरह के परामर्श से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विविध दृष्टिकोणों को शामिल करने, क्षेत्रीय संवेदनशीलता का ध्यान रखने और संघवाद की भावना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

इस उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्टालिन ने जाति आधारित जनगणना के संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों पर विचार-विमर्श करने और उन्हें विकसित करने के लिए मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों से मिलकर एक सलाहकार परिषद के गठन का औपचारिक प्रस्ताव रखा।

उन्होंने केंद्र से इस प्रक्रिया की संवेदनशीलता की रक्षा करने और आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने का भी आग्रह किया, जिसमें जहां भी आवश्यक हो, पायलट अध्ययन करना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र के समापन में विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक पहल समानता, समावेश और संघवाद के मूल सिद्धांतों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी