'नो फ्री लंच' बना केरल में नया सियासी मुद्दा, सीएम सतीशन पर भड़के बिनॉय विश्वम
तिरुवनंतपुरम, 23 सितंबर (आईएएनएस)। केरल में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के निजी विमान से यात्रा करने, दोस्तों की लग्जरी कारों का इस्तेमाल करने और प्रवासी संगठनों तथा लोगों की ओर से उपलब्ध कराए गए टिकट स्वीकार करने को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर अमीर लोगों के हाथों की कठपुतली बनने का आरोप लगाया है।
यह विवाद तब और बढ़ गया, जब सतीशन ने निजी तौर पर की गई अपनी यात्रा व्यवस्था का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी दोस्त की ओर से उपलब्ध कराया गया विमान उन्हें किसी आपदा प्रभावित इलाके में जल्दी पहुंचने में मदद करता है तो उसे ठुकराने का कोई कारण नहीं है।
बारिश से प्रभावित मलप्पुरम जाने के लिए इस्तेमाल किए गए चार्टर्ड विमान का जिक्र करते हुए सतीशन ने कहा, ''मैंने इसका इस्तेमाल किया है और आगे भी करूंगा।'' मलप्पुरम में भूस्खलन के कारण छह लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि देशभर में मुख्यमंत्री निजी विमानों का इस्तेमाल करते रहे हैं।
प्रवासी संगठनों और लोगों की ओर से उपलब्ध कराए गए टिकट पर मंत्रियों के विदेश जाने के मुद्दे पर सतीशन ने कहा कि उन्होंने मंत्रियों को दूसरे देशों में हो रहे विकास को देखने और केरल के लिए फायदेमंद अवसरों की पहचान करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
उन्होंने कहा कि अकेले संयुक्त अरब अमीरात में केरलवासियों के करीब 1,000 संगठन हैं और एक दशक बाद यूडीएफ सरकार की वापसी के कारण ऐसे संगठन मंत्रियों को आमंत्रित कर रहे हैं और उनकी यात्राओं की व्यवस्था कर रहे हैं। हालांकि, सीपीआई नेता बिनॉय विश्वम ने ऐसी सुविधाएं स्वीकार करने के सिद्धांत पर सवाल उठाए।
विश्वम ने आरोप लगाया, ''वीडी सतीशन सरकार ऐसे बेहद अमीर लोगों के हाथों की कठपुतली बन गई है, जिनकी पहचान तक उजागर नहीं की जा सकती।'' उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के विमान और हेलीकॉप्टर की व्यवस्था ऐसे ही अज्ञात आर्थिक हितों से जुड़े लोगों की ओर से की जा रही है।
उन्होंने सरकारी वाहनों के बजाय अपने अमीर दोस्तों की लग्जरी कारों का इस्तेमाल करने वाले मंत्रियों पर भी सवाल उठाया।
निजी खर्च पर यात्रा से सरकारी पैसा बचने के तर्क पर विश्वम ने कहा कि नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि विदेश जाने वाले मंत्रियों ने सभी जरूरी कानूनी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया है या नहीं।
सीपीआई नेता ने पैसे बचाने के लिए ऐसी सुविधाएं स्वीकार करने के सरकार के तर्क पर भी कटाक्ष किया और इसे यूडीएफ की पहचान बताया।
इस बीच, सतीशन ने स्थानीय स्वशासन मंत्री केएम शाजी द्वारा अपने दोस्त की रेंज रोवर कार इस्तेमाल किए जाने का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि मंत्री का आधिकारिक वाहन करीब एक दशक पुराना है और अक्सर खराब हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी खर्च कम करने के लिए अपनी सरकार की कोशिशों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मंत्री नए सरकारी वाहन खरीदने की बजाय पुराने आधिकारिक वाहनों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं।
हालांकि, यह राजनीतिक विवाद अब केवल निजी विमान और लग्जरी कारों तक सीमित नहीं रह गया है।
इस विवाद के केंद्र में अब यह सवाल है कि निजी लोगों की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं और सार्वजनिक पद की जिम्मेदारियों के बीच सीमा कहां तय होनी चाहिए। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि सत्ता में बैठे लोगों को व्यक्तियों या संगठनों से मिलने वाली ऐसी सुविधाएं क्या बिना किसी अपेक्षा के हो सकती हैं।
बिनॉय विश्वम ने इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल से भी जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा कि वीडी सतीशन सरकार के इस तरह के तौर-तरीकों पर कांग्रेस के दोनों नेताओं का क्या कहना है।
--आईएएनएस
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