सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बाढ़ के कारण श्रद्धालुओं से आलंदी और देहू न जाने की अपील की
मुंबई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। इंद्रायणी नदी में आई भारी बाढ़ को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को आलंदी जा रहे वारकरियों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अभी जहां हैं, वहीं सुरक्षित रुक जाएं। आलंदी जाने वाले चारों पुल पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं, जिससे शहर में जाना असुरक्षित हो गया है। मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों से आग्रह किया है कि वे देहू और आलंदी न जाएं और इसके बजाय पुणे शहर में ‘वारी’ जुलूस में शामिल हों।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “वारकरियों और नागरिकों को प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों के निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए।”
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और नदी के किनारों, घाटों या बंद पुलों पर जाने से पूरी तरह बचें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय कर रहा है और सभी से धैर्य बनाए रखने तथा अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जो वारकरी समूह पहले ही पुणे पहुंच चुके हैं, वे शहर की सीमा के भीतर ही रहें।
राज्य भर में हो रही भारी बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र के नागरिकों से पूरी तरह सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की है।
उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार का पूरा तंत्र पूरी तरह तैयार है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम चालू कर दिए गए हैं।
उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें, केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें और संकट के समय तुरंत तय किए गए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। राज्य सरकार ने आपातकालीन संपर्क नंबर चालू कर दिए हैं, जिनमें राज्य स्तरीय मुख्य कंट्रोल रूम (टोल-फ्री): 1070, मोबाइल नंबर: 09321587143, टेलीफोन नंबर: 022-22027990/022-22794229 और जिला स्तरीय कंट्रोल रूम (टोल-फ्री): 1077 (तेज स्थानीय सहायता और निगरानी के लिए सभी जिलों में चालू) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे जरूरी सावधानी बरतें और भूस्खलन की आशंका वाले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपातकालीन स्थिति में घबराएं नहीं और इन हेल्पलाइन नंबरों का इस्तेमाल करके प्रशासन से तुरंत मदद लें।
इससे पहले सीएम फडणवीस ने राज्य विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार ने सभी आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा है। उन्होंने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, क्योंकि 70 से 90 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं ने पहले ही बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है, जिसमें कई पेड़ गिरे हैं और इमारतों को भारी नुकसान हुआ है।
जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जानकारी को आसान बनाने के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के ऑटोमेटेड सिस्टम सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को हर तीन घंटे में सीधे इमरजेंसी एसएमएस अलर्ट भेज रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम एक गंभीर और लगातार बदलते प्राकृतिक संकट का सामना कर रहे हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) और स्थानीय निकाय पूरी क्षमता के साथ तैनात हैं। अभी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता जान-माल के नुकसान को रोकना और बचाव कार्य चलाना है।”
--आईएएनएस
एसएचके/डीकेपी