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महाराष्ट्र: सुनेत्रा पवार को ‘गूंगी गुड़िया’ कहने पर कांग्रेस पर भड़के फडणवीस-शिंदे, एनसीपी ने माफी की मांग की

 

मुंबई, 4 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर कांग्रेस की ओर से की गई 'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी की कड़ी निंदा की।

विवाद तब शुरू हुआ जब महाराष्ट्र कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ''सुनेत्रा पवार, आखिर कब तक ‘गूंगी गुड़िया’ बनी रहेंगी?''

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि लगातार राजनीतिक हार से निराश कांग्रेस अब व्यक्तिगत और निम्न स्तर के हमलों पर उतर आई है।

उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ महिला नेता और उपमुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना राजनीतिक शालीनता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष महायुति सरकार के कामकाज और जनता के समर्थन को पचा नहीं पा रहा है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि सुनेत्रा पवार जैसी महिला नेता के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने पर कांग्रेस को शर्म महसूस करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की महिलाओं ने पहले ही ऐसे अपमानजनक रवैये का करारा जवाब दिया है।

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता धनंजय मुंडे ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहना राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के प्रति कांग्रेस की गहरी दुर्भावना को दिखाता है।

मीडिया से बातचीत में मुंडे ने कांग्रेस से अपने इतिहास को याद करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी कभी उनके विरोधियों ने 'गूंगी गुड़िया' कहा था, लेकिन उन्होंने अपने नेतृत्व और काम के बल पर आलोचकों को जवाब दिया था।

मुंडे ने दावा किया कि कांग्रेस को डर है कि सुनेत्रा पवार भी अपने काम से खुद को साबित करेंगी और देशभर में सम्मान हासिल करेंगी।

उन्होंने हाल ही में बीड जिले के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि व्यक्तिगत कठिन परिस्थितियों के बावजूद सुनेत्रा पवार ने लोगों की समस्याएं सुनने के लिए लगातार बैठकें कीं और देर रात तक काम किया।

मुंडे ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल एक बयान जारी करने के लिए रखी गई थी। जब सुनेत्रा पवार अपने पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार को याद करते हुए भावुक हो गईं, तब कुछ मीडिया संस्थानों ने अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई।

धनंजय मुंडे ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया 'चमत्कार' शब्द केवल उनके स्वास्थ्य से जुड़ा था और उसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं था।

उन्होंने बीड की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान को धमकी देने की खबरों का भी खंडन किया और कहा कि उन्होंने केवल उस व्यक्ति से शांत होकर बात करने को कहा था।

मुंडे ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष से उनके पास कोई मंत्री पद नहीं है और वे केवल विधायक हैं, फिर भी पिछले 252 दिनों से उनका लगातार 'मीडिया ट्रायल' किया जा रहा है।

वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सुनेत्रा पवार के लिए इस्तेमाल किए गए 'गूंगी गुड़िया' शब्द का बचाव किया।

उन्होंने कहा, 'सार्वजनिक जीवन और राजनीति में जब आरोप लगते हैं तो नेताओं को पत्रकारों के सवालों का जवाब देना चाहिए, लेकिन जब एक व्यक्ति, जिसकी छवि गुंडे जैसी है, उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में पत्रकारों को चुप रहने का आदेश देता है और कोई हस्तक्षेप नहीं होता तो यह लोकतांत्रिक और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है। 'गूंगी गुड़िया' शब्द का इस्तेमाल इसी चुप्पी को दिखाने के लिए किया गया था।''

सपकाल ने कहा कि सुनेत्रा पवार कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार चुप रही हैं।

उन्होंने इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी कभी 'गूंगी गुड़िया' कहा गया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपने काम से खुद को साबित किया और 'आयरन लेडी' के रूप में पहचान बनाई। सपकाल ने कहा कि अब सुनेत्रा पवार पर निर्भर है कि वे अपने काम से खुद को साबित करें।

उन्होंने सुझाव दिया कि सुनेत्रा पवार वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालें, किसानों की कर्जमाफी सुनिश्चित करें, स्मार्ट मीटर विवाद का समाधान करें और अजित पवार के हादसे की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कराएं।

सपकाल ने एनसीपी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एनसीपी मंत्रियों के विभागों को महत्व नहीं देते और पार्टी ने अपनी स्वतंत्रता भाजपा नेतृत्व के सामने समर्पित कर दी है।

इस बीच कांग्रेस की टिप्पणी के खिलाफ एनसीपी कार्यकर्ताओं ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किया।

जब हर्षवर्धन सपकाल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, उसी दौरान एनसीपी नेता सूरज चव्हाण अपने समर्थकों के साथ दक्षिण मुंबई स्थित महाराष्ट्र कांग्रेस कार्यालय पहुंच गए।

ठाणे, पुणे और राज्य के अन्य हिस्सों में भी एनसीपी ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किए।

एनसीपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सुनेत्रा पवार पर की गई टिप्पणी के लिए तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की।

स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस और एनसीपी समर्थक आमने-सामने आ गए। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित किया।

प्रदर्शन के बाद सूरज चव्हाण ने कांग्रेस पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया।

इस विवाद ने कांग्रेस और एनसीपी के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है।

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने भी कांग्रेस की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद किसी महिला जनप्रतिनिधि के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अनुचित और अपमानजनक है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी