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यमुना को साफ रखना सरकार और नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी: दिल्ली मुख्यमंत्री

 

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार ने गुरुवार को 'स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि नदी को साफ रखना प्रशासन और नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर स्थित रग्बी ग्राउंड में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​और दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा की उपस्थिति में अभियान का उद्घाटन किया।

अभियान की शुरुआत विभिन्न कॉलेजों के छात्रों द्वारा यमुना प्रहरी बनने और नदी की स्वच्छता में योगदान देने की शपथ लेने के साथ हुई।

विधायक सूर्यप्रकाश खत्री, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह और राज्य महासचिव मोहन लाल गिहारा सहित अन्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे।

दिल्ली भाजपा के एक बयान के अनुसार यह अभियान दिल्ली सरकार के यमुना को साफ और संरक्षित करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिसे दिल्ली भाजपा का संगठनात्मक समर्थन प्राप्त है।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने स्वच्छ यमुना प्रहरी ऐप पर पंजीकरण कराया और यमुना को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

दिल्ली सरकार ने 'मेरीयमुना.इन' वेबसाइट भी लॉन्च की है। इस वेबसाइट पर पंजीकरण कराकर दिल्ली निवासी स्वच्छ यमुना प्रहरी बन सकते हैं।

इस अवसर पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल विकास की बातें की हैं, बल्कि देश ने अभूतपूर्व विकास कार्य भी देखे हैं।

उन्होंने कहा कि चाहे राष्ट्रीय राजमार्ग हों, रेलवे का विद्युतीकरण हो, ग्रामीण सड़क योजना हो या अन्य कई पहलें, प्रधानमंत्री ने साथ ही साथ विश्व की सबसे पुरानी और समृद्ध संस्कृतियों में से एक, भारत की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ गंगा का अर्थ केवल गंगा नदी को साफ करना नहीं है, बल्कि देश की संस्कृति को समृद्ध करना है।

मल्होत्रा ​​ने कहा कि भारत की जीवनदायिनी नदियां हमारी संस्कृति की प्रतीक हैं और सभी नदियों को स्वच्छ और निर्मल होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यमुना नदी उत्तराखंड से निकलने के बाद प्रयागराज में त्रिवेनी संगम तक पहुंचने से पहले हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों से होकर गुजरती है, और रास्ते में इसकी स्थिति बेहद चिंताजनक हो जाती है।

उन्होंने कहा कि यमुना लगभग 33 किलोमीटर तक दिल्ली से होकर बहती है, और इसी समस्या के समाधान के लिए हम सभी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यहां एकत्रित हुए हैं।

मल्होत्रा ​​ने कहा कि युवाओं को यह भी समझना चाहिए कि पिछली सरकार ने यमुना को वोट बैंक की राजनीति का मुद्दा बना दिया था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने यमुना की सफाई के लिए 3,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। हालांकि, पिछली सरकार के कार्यकाल में इन निधियों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले और भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के साथ ही हमने दो लक्ष्य निर्धारित किए हैं—दिल्ली से कचरे के तीनों पहाड़ों को हटाना और यमुना को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण मुक्त बनाना। इसके लिए 3,000 करोड़ रुपए आवंटित किए जा चुके हैं और काम शुरू हो चुका है।

--आईएएनएस

एमएस/