☰
×

कर्नाटक विधानसभा चुनाव: बेंगलुरु और गडग में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प

 

बेंगलुरु, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधान परिषद चुनावों के दौरान शुक्रवार को बेंगलुरु और गदग में मतदान केंद्रों के पास तनाव की स्थिति रही, जहां कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।

बेंगलुरु के नागरभावी में एक मतदान केंद्र के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक मुनिरत्ना के साथ बदसलूकी की और उन पर शारीरिक हमला किया। वहीं, गदग में म्युनिसिपल कॉलेज के बाहर चुनाव नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई।

बेंगलुरु में राजराजेश्वरी नगर से भाजपा विधायक मुनिरत्ना के नागरभावी स्थित मतदान केंद्र के पास पहुंचने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया, उनके साथ बदसलूकी की, उनके कपड़े फाड़ दिए और अपमानजनक नारे लगाए। इसके बाद दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

मुनिरत्ना ने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर पूर्व सांसद डी.के. सुरेश और उनके बड़े भाई, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से डी.के. सुरेश बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा चुनाव हारे हैं, तब से कांग्रेस कार्यकर्ता सुनियोजित तरीके से उन्हें निशाना बना रहे हैं और उन पर व्यक्तिगत और शारीरिक हमले कर रहे हैं।

बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र (टीचर्स कांस्टीट्यूएंसी) के चुनाव में कड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां भाजपा-जेडी (एस) गठबंधन ने कांग्रेस उम्मीदवार पुट्टन्ना के खिलाफ ए.पी. रंगनाथ को मैदान में उतारा है।

राजराजेश्वरी नगर और बेंगलुरु ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में मुनिरत्ना और डी.के. बंधुओं के बीच की प्रतिद्वंद्विता के कारण पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से टकराव हो चुका है।

इस बीच, गदग में 'वेस्टर्न ग्रेजुएट्स कांस्टीट्यूएंसी' (पश्चिमी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र) के चुनाव के दौरान म्युनिसिपल कॉलेज के बाहर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई।

दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाए; भाजपा समर्थकों ने विधायक सी.सी. पाटिल के समर्थन में, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री एच.के. पाटिल के समर्थन में नारेबाजी की।

यह टकराव तब और बढ़ गया जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव नियमों का उल्लंघन करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र परिसर के अंदर आने दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में पार्टी कार्यकर्ताओं को आने से रोकने के लिए पाबंदियां लागू होनी चाहिए थीं।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अपने अधिकारों के दुरुपयोग और चुनाव नियमों को समान रूप से लागू न करने का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई। सी.सी. पाटिल ने पुलिस अधिकारियों पर भी निशाना साधा और मांग की कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तुरंत मतदान केंद्र परिसर से हटाया जाए।

गदग में पुलिसकर्मियों को दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने और व्यवस्था बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों के लिए मतदान हुआ, जिसमें दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव कराए गए। कुल 43 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। मतदाताओं ने उच्च सदन (अपर हाउस) के लिए अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

विधान परिषद की इन चार सीटों, दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला है।

दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के शशि हुलिकुंटे मुट्ट का मुकाबला भाजपा के के. एम. सुरेश (सोमेश्वर) से है। पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई का सामना भाजपा के संकानूर एस. वी. से है।

उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर का मुकाबला भाजपा के शशील जी. नमोशी से है। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के पुट्टन्ना का मुकाबला जेडी (एस) के एपी रंगनाथ से है।

चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। यह कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद (जो खुद भी एक एमएलसी हैं) के नेतृत्व में लड़ा गया पहला चुनाव है, फिलहाल 75 सदस्यीय विधान परिषद में पांच सीटें खाली हैं।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी