सीजेआई ने राहुल गांधी के खिलाफ मामले को सूचीबद्ध करने की मांग करने वाले वकील को लगाई फटकार
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले को बिना किसी आधार के उठाने पर मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने एक वकील को फटकार लगाई। सीजेआई ने सवाल किया कि क्या ऐसा केवल मीडिया का ध्यान खींचने के लिए किया जा रहा है।
वकील ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ 'आय से अधिक संपत्ति' मामले की जल्द सुनवाई कराने की मांग की थी। सीजेपी ने वकील की ओर से जल्द सुनवाई की मांग के लिए रखे गए तर्कों पर आपत्ति जताई और कहा, "इस मांग का न तो कोई सिर-पैर है और न ही कोई आधार।"
वकील ने जल्द सुनवाई की मांग करते हुए तर्क दिया था कि राहुल गांधी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में दावा किया था कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के 200 अधिकारियों के संपर्क में हैं। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने वकील से पूछा, "क्या आपने इसके लिए किसी न्यूज चैनल से बात की है?"
मुख्य न्यायाधीश ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि सिर्फ मीडिया में चर्चा के लिए आप इस मामले को उठाना चाहते हैं। इसके बाद, सीजेआई ने कोर्ट स्टाफ को मौखिक रूप से निर्देश दिया कि आगे से अदालत में मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करवाने की मेंशनिग की लाइव स्ट्रीमिंग बंद कर दी जाए।
यह मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की एक शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति है। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही 'आय से अधिक संपत्ति' मामले की कार्यवाही पर रोक लगाई थी। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी को हाईकोर्ट के सामने कोई भी रिपोर्ट पेश करने से भी मना किया।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर किसी एजेंसी को किसी व्यक्ति के पास 'आय से अधिक संपत्ति' होने की जानकारी मिलती है, तो वह खुद ही आगे की कार्रवाई कर सकती है। इसके लिए कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस नेता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें हाईकोर्ट ने सीबीआई और ईडी को इन आरोपों की जांच करने के लिए कहा था।
--आईएएनएस
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