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महाराष्ट्र: ग्रेजुएट पार्ट-टाइम कर्मचारियों के मुद्दों पर मुख्य सचिव बैठक की अध्यक्षता करेंगे

 

मुंबई, 30 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार के मंंत्री आशीष शेलार ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधान परिषद को भरोसा दिलाया कि सरकार ग्रेजुएट पार्ट-टाइम कर्मचारियों के फायदों और नौकरी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाएगी और उनके हित में उचित फैसला लेगी।

मंत्री आशीष शेलार एमएलसी अभिजीत वंजारी, अशोक (भाई) जगताप, सुधाकर अडबाले, धीरज लिंगाडे, सतेज (बंटी) पाटिल और जयंत असगांवकर द्वारा ग्रेजुएट पार्ट-टाइम कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना और अन्य सेवा लाभों के संबंध में लाए गए 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' का जवाब दे रहे थे।

मंत्री शेलार ने कहा कि महाराष्ट्र में विभिन्न सरकारी संस्थानों में लगभग 3,000 से 3,500 ग्रेजुएट पार्ट-टाइम कर्मचारी काम कर रहे हैं, जबकि रिटायर हो चुके ग्रेजुएट पार्ट-टाइम कर्मचारियों की संख्या 50 से अधिक है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए निर्धारित आयु सीमा 46 से 55 वर्ष के बीच है, इसलिए सरकारी सेवा में उनका प्रभावी कार्यकाल अपेक्षाकृत कम होता है।

समय-समय पर जारी विभिन्न सरकारी आदेशों और हाई कोर्ट, छत्रपति संभाजीनगर बेंच के 24 अप्रैल, 2026 के आदेश का हवाला देते हुए, सदस्यों ने सरकार से आग्रह किया कि वह राज्य के सभी ग्रेजुएट पार्ट-टाइम कर्मचारियों को राहत देने के लिए एक विशेष मामले के तौर पर एक बार के लिए नीतिगत निर्णय ले।

चर्चा के दौरान, सदस्यों ने सरकार से आग्रह किया कि जिन तारीखों पर कर्मचारियों ने ग्रेजुएट पार्ट-टाइम कर्मचारियों के रूप में सेवा शुरू की थी, उन्हें ही सरकारी नियुक्ति की आधिकारिक तारीख माना जाए, ताकि उन्हें पिछली तारीख से लागू होने वाले सभी स्वीकार्य सेवा लाभ दिए जा सकें।

उन्होंने यह भी मांग की कि आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा अपनाए गए मॉडल का पालन करते हुए, ग्रेजुएट पार्ट-टाइम कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट की उम्र 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए, क्योंकि सरकारी सेवा में उनका कार्यकाल सीमित होता है।

इसके अलावा, उन्होंने महाराष्ट्र सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1982 के तहत सभी ग्रेजुएट पार्ट-टाइम कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की भी मांग की।

चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री शेलार ने कहा कि सरकार संबंधित अदालती फैसलों और मौजूदा कानूनी ढांचे के आधार पर इस मामले की जांच करेगी।

उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई जाएगी ताकि उन सभी संभावित उपायों पर विचार किया जा सके जिनसे इन कर्मचारियों को राहत मिल सके और उन्हें पात्र लाभ सुनिश्चित किए जा सकें।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी